विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित भक्ति फिल्म ‘हनुमान अंश’ की जबरदस्त सफलता के बाद बाबा नीम करोली के मंदिर कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस फिल्म के असर से मंदिर में आने वाले लोगों की भीड़ काफी बढ़ गई है।
यह फिल्म मात्र 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी, जिसने पूरी दुनिया में करीब 400 करोड़ रुपये की कमाई की है। उत्तराखंड सरकार ने इस फिल्म को टैक्स-फ्री घोषित किया था, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई।
इस फिल्म की वजह से कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की औसत संख्या जो पहले 4,000 से 5,000 के बीच रहती थी, वह अब बढ़कर 6,000 से ज्यादा हो गई है। वीकेंड यानी शनिवार और रविवार को यह संख्या 15,000 से 20,000 श्रद्धालुओं तक पहुंच रही है।
ट्रैफिक जाम और यात्रियों की परेशानी
सितंबर 2026 तक के नौ महीनों के दौरान लगभग 50 लाख श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। 3 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के लंबे वीकेंड की वजह से पूरे इलाके में ट्रैफिक की स्थिति बहुत खराब हो गई है।
हल्द्वानी को नैनीताल और भीमताल से जोड़ने वाली सड़कों पर भारी जाम देखा गया है। नैनीताल-अल्मोड़ा हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिसकी वजह से 30 मिनट का सफर पूरा करने में कई घंटे लग रहे हैं।
इतना ही नहीं, बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले रास्तों पर भी भारी भीड़ और जाम की खबरें आई हैं। इस वजह से हजारों श्रद्धालु और यात्री रास्ते में ही फंसे हुए हैं।
प्रशासन की तैयारी और स्थानीय लोगों की चिंता
नैनीताल के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) मंजुनाथ टीसी ने बताया कि प्रशासन ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग की व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने को प्राथमिकता दे रहा है। वह स्थिति को संभालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की तैयारियों पर चिंता जताई है। जाम की गंभीरता को देखते हुए कुछ यात्री वापस लौटने पर मजबूर हो गए हैं।
सरकार की नई बुनियादी ढांचा योजनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी ला रही है। सरकार कई नई सुविधाएं शुरू करने की योजना बना रही है, जिनमें शामिल हैं:
- हल्द्वानी और कैंची धाम के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करना, जिसका प्रस्तावित किराया 1,000 रुपये होगा।
- काठगोदाम से नैनीताल और रानीबाग-हनुमानगढ़ी-कैंची धाम रूट पर रोपवे प्रोजेक्ट का विस्तार करना।
ये सभी कदम जून 2025 में मुख्यमंत्री धामी द्वारा की गई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद उठाए जा रहे हैं। इस बैठक का मकसद दीर्घकालिक प्रबंधन रणनीतियां बनाना था।
प्रबंधन योजना के तहत सितंबर से नवंबर 2025 के बीच ‘कैरिंग कैपेसिटी’ यानी वहन क्षमता का अध्ययन किया गया था। साथ ही 3 किलोमीटर के हिस्से में रोड-कटिंग का काम भी लागू किया गया है।









