आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 3 अक्टूबर 2026 को Reducing Traffic Congestion (RTC) स्कीम के बेहतर कार्यान्वयन के लिए एक रणनीतिक बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक पुलिस कमिश्नर Shri Deepak Kumar के औपचारिक निर्देश पर आयोजित की गई थी। इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व Deputy Commissioner of Police (Traffic) Shri Ravindra Kumar ने किया, जिसमें शहर के सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टरों को बुलाया गया था।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर यातायात से जुड़ी लगातार आने वाली चुनौतियों का समाधान करना था। अधिकारियों ने शहर के विभिन्न रास्तों पर ट्रैफिक जाम के मुख्य कारणों और ‘चोक पॉइंट्स’ का विस्तृत विश्लेषण किया।
जाम हटाने के लिए विभागों के बीच समन्वय
DCP Ravindra Kumar ने ट्रैफिक के सुचारू और निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का प्राथमिक लक्ष्य आम जनता के लिए यात्रा के समय को कम करना है ताकि लोग कम समय में अपनी मंजिल तक पहुँच सकें।
इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ट्रैफिक विभाग को Nagar Nigam (नगर निगम) और Public Works Department (PWD) के साथ औपचारिक समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। यह आपसी सहयोग सड़कों को बाधित करने वाले अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ लक्षित अभियान चलाने पर केंद्रित होगा।
अवैध पार्किंग और ई-रिक्शा पर सख्ती
यह पूरी पहल DCP Kumar के नेतृत्व में चल रहे RTC प्रवर्तन प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने साल 2026 के दौरान कई बार फील्ड निरीक्षण किए हैं, जिनमें 23 मई, 1 जून, 27 सितंबर, 29 सितंबर और 1 अक्टूबर की तारीखें शामिल हैं।
इन निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य अवैध पार्किंग की समस्या को सुलझाना था। साथ ही, शहर में चलने वाले ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा के संचालन से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करने पर जोर दिया गया है।
जनकपुरी महोत्सव और हाईवे सुरक्षा के इंतजाम
शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट के तहत कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। 6 से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले Janakpuri Mahotsav के मद्देनजर NH-19 और आंतरिक सड़कों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है और रूट बदले गए हैं।
प्रशासन हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं के बाद ट्रैफिक लॉजिस्टिक्स को भी मैनेज कर रहा है। हाल ही में आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर एक डंपर और कंटेनर के बीच हुई जानलेवा दुर्घटना ने प्रभावी कंजेशन मैनेजमेंट रणनीतियों की गंभीर आवश्यकता को उजागर किया है।

























