इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार शाम, 3 अक्टूबर 2026 को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार के साथ वीडियो कॉल पर बातचीत की। इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन मछार को इजरायल, भारत और पूरी दुनिया के लिए एक हीरो बताया।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस मौके पर कैप्टन स्मित मछार और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया।
नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि यह सम्मान आमतौर पर केवल इजरायली नागरिकों के लिए ही आरक्षित होता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल की जनता कैप्टन मछार का खुले दिल से स्वागत करेगी।
कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हमले की घटना
यह पूरा सम्मान 30 सितंबर 2026 को हुई एक भयानक घटना के बाद दिया गया है। यह मामला FlyDubai की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ा है, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी।
उड़ान के दौरान कैप्टन मछार के ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर कॉकपिट के अंदर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस हमले का मकसद विमान को क्रैश करना था।
साहस से बचाई 174 यात्रियों की जान
हमले के दौरान कैप्टन मछार को चोटें आईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने जवाबी कार्रवाई की और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की।
दरवाजा खुलने के बाद केबिन क्रू और यात्रियों ने मिलकर हमलावर को पकड़ लिया और उसे काबू कर लिया। इस बहादुरी भरे हस्तक्षेप के कारण विमान में सवार सभी 174 यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित रहे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना और जांच
इस घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी जनरल ने आधिकारिक तौर पर इस कॉकपिट हमले को आतंकवाद का कार्य घोषित किया है।
इजरायली प्रधानमंत्री की बातचीत से पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मछार से बात की थी और उनकी बहादुरी की तारीफ की थी।
इसके अलावा, दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद ने अस्पताल में कैप्टन मछार से मुलाकात की। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पायलट के साहस के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की।

























