आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार ने रात के समय पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन का दौरा किया। उन्होंने वहां एक महिला पत्रकार द्वारा ACP विनय भगत के खिलाफ दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत पर पैरवी की।
इस मामले में महिला पत्रकार ने दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद पुलिस ने महिला पत्रकार को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल पहुंचाया।
ACP विनय भगत पर कानूनी कार्रवाई की मांग
कुलदीप कुमार के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया है कि अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। हालांकि, विधायक ने इस आश्वासन पर संदेह जताया है और कहा कि जब तक FIR आधिकारिक तौर पर दर्ज नहीं हो जाती, तब तक भरोसा नहीं किया जा सकता।
इस घटना को उठाते हुए विधायक कुलदीप कुमार ने सार्वजनिक रूप से जवाबदेही की कमी पर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि आखिर ACP विनय भगत को कौन बचा रहा है।
कानून की समानता और निष्पक्ष जांच पर जोर
कुलदीप कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला किसी पुलिस अधिकारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाती है, तो तुरंत FIR दर्ज होनी चाहिए और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती, उनके प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई में देरी हुई, तो विरोध प्रदर्शनों को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति, चाहे उसने कानून की वर्दी ही क्यों न पहनी हो, कानून से ऊपर नहीं है।
दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ व्यवहार का विवाद
यह पूरी घटना दिल्ली में चल रहे व्यापक तनाव के बीच सामने आई है। हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस पर महिला पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार के कई आरोप लगे हैं।
इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस का पक्ष इस प्रकार है:
- पुलिस ने कई आरोपों को तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताकर खारिज कर दिया है।
- पुलिस का दावा है कि कुछ लोगों ने VVIP सुरक्षा मार्गों में बाधा डाली थी।
इन दावों के बावजूद, कुलदीप कुमार जैसे राजनीतिक नेता कानूनी जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। कुलदीप कुमार राजधानी में हाल के प्रदर्शनों में सक्रिय रहे हैं और अब इस मामले को प्रमुखता से उठा रहे हैं।

























