बाराबंकी के सुबेहा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने मिशन शक्ति 5 अभियान के तहत एक सामुदायिक जागरूकता पहल शुरू की है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा लड़कियों को साइबर सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
यह पूरी मुहिम उत्तर प्रदेश पुलिस के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिसके जरिए महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान को बढ़ाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस ने इस दौरान लड़कियों के साथ बातचीत की और उन्हें कानून की बारीकियों से अवगत कराया।
भारतीय न्याय संहिता और महिलाओं के अधिकार
पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभागियों को भारतीय न्याय संहिता के प्रमुख प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे इस नए कानून ने इंडियन पीनल कोड (IPC) की जगह ली है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह नया कानूनी ढांचा महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से निपटने के लिए अपडेट किया गया है। इसका मकसद महिलाओं को अधिक प्रभावी कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है।
साइबर क्राइम से बचाव और रिपोर्टिंग
सत्र के दौरान अधिकारियों ने साइबर अपराध के बदलते स्वरूप पर गहरी जानकारी दी। उन्होंने लड़कियों को बताया कि डिजिटल दुनिया में खुद को सुरक्षित कैसे रखा जाए और खतरों की पहचान कैसे की जाए।
पुलिस ने विशेष रूप से इन खतरों के बारे में मार्गदर्शन दिया:
- साइबर स्टॉकिंग (इंटरनेट पर पीछा करना)
- ऑनलाइन पहचान चोरी या किसी और के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाना
- निजी और अंतरंग तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करना
पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल जैसे आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करना चाहिए। डिजिटल युग में न्याय पाने और शिकायत दर्ज कराने के लिए ये चैनल सबसे प्रभावी हैं।
पुलिस थानों की नई भूमिका
यह पहल राज्यव्यापी आदेश के अनुरूप है, जिसमें पुलिस थानों को जन शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही गई है। इसके तहत थानों को महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का काम करना है।
सुबेहा पुलिस ने बताया कि थानों के जरिए महिलाओं को सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता प्रणालियों की जानकारी दी जाएगी। इस अभियान का लक्ष्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाना है।

























