बाराबंकी के राम सनेही घाट पुलिस स्टेशन ने ‘मिशन शक्ति 5’ अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लड़कियों को उनके कानूनी अधिकारों और डिजिटल सुरक्षा के बारे में शिक्षित करना था।
इस दौरान पुलिस कर्मियों ने लड़कियों को उन महत्वपूर्ण नए कानूनों की विस्तृत जानकारी दी, जो महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए बनाए गए हैं। पुलिस ने कानूनी सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल दुनिया के खतरों से बचने के तरीके भी बताए।
साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा की जानकारी
कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों ने प्रतिभागियों को साइबर अपराध के बढ़ते खतरों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने लड़कियों को यह बताया कि डिजिटल अपराधों की पहचान कैसे की जाए और उनकी रिपोर्ट कैसे दर्ज कराई जाए।
इस पहल का हिस्सा बाराबंकी जिले में चलाया जा रहा एक बड़ा अभियान है। उत्तर प्रदेश पुलिस इस प्रयास के माध्यम से पूरे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और स्वतंत्रता को मजबूत कर रही है।
जिले भर में जागरूकता अभियान और विशेष रणनीति
बाराबंकी जिले के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। Subeha और Badosarai सहित कई थानों में भी ऐसे कार्यक्रम चलाए गए हैं।
यह पूरा अभियान एक 90 दिनों के गहन मिशन का हिस्सा है। इस मिशन में घर-घर जाकर लोगों से जुड़ने और आम जनता को शिक्षित करने को प्राथमिकता दी गई है।
महिला बीट अधिकारियों और हेल्प डेस्क की व्यवस्था
मिशन शक्ति 5 के ढांचे में केवल कानूनी जागरूकता ही शामिल नहीं है, बल्कि इसमें जमीनी स्तर पर बदलाव के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसके तहत निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं:
- महिला बीट अधिकारियों की तैनाती की जा रही है।
- उत्तर प्रदेश के सभी 1,647 पुलिस स्टेशनों में समर्पित हेल्प डेस्क का संचालन किया जा रहा है।
इन सभी कोशिशों का मकसद एक व्यापक रणनीति तैयार करना है ताकि जनता और पुलिस के बीच बातचीत बढ़ सके। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं सरकारी सहायता प्रणालियों और सुरक्षा ढांचे के बारे में पूरी तरह जागरूक रहें।

























