कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज बिस्वजीत बसु ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पश्चिम बंगाल स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ट्रिब्यूनल से इस्तीफा दे दिया है। जस्टिस बसु ने अपना इस्तीफा शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रविंद्र विट्ठलराव घुगे को सौंपा, जबकि उनके हटने की खबर 7 नवंबर 2026 को सार्वजनिक हुई।
आधिकारिक तौर पर व्यक्तिगत कारणों को बताया गया है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार जस्टिस बसु ने ट्रिब्यूनल के बुनियादी ढांचे और पोर्टल से जुड़ी डिजिटल लॉगिन प्रक्रियाओं को लेकर असंतोष जताया था।
ट्रिब्यूनल में जजों के इस्तीफे का सिलसिला
जस्टिस बसु इस ट्रिब्यूनल से इस्तीफा देने वाले चौथे रिटायर्ड जज हैं। इस संस्था का गठन मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य SIR प्रक्रिया के दौरान हटाए गए लाखों मतदाताओं की अपीलों का निपटारा करना था, जिसके लिए 19 रिटायर्ड जजों का पैनल बनाया गया था।
- पूर्व कलकत्ता हाई कोर्ट चीफ जस्टिस टी.एस. शिवगणनम
- जस्टिस रंजीत कुमार बाग
- जस्टिस इंद्रजीत चटर्जी
इन अन्य रिटायर्ड जजों ने भी पहले इस्तीफा दे दिया था। जस्टिस बसु और जस्टिस इंद्रजीत चटर्जी दोनों मुर्शिदाबाद जिले से जुड़े मामलों की निगरानी कर रहे थे।
चिंता जताई गई है कि इन जजों के जाने से लंबित अपीलों के समाधान में बड़ी बाधा आ सकती है या यह प्रक्रिया पूरी तरह रुक सकती है। कई अन्य जजों ने भी चुनाव आयोग के डिजिटल पोर्टल में तकनीकी कमियों, लॉगिन की समस्याओं और काम के अत्यधिक बोझ की शिकायत की है।









