बाराबंकी के बेगमगंज में नवाब अमजद अली खान की वक्फ संपत्ति के एक हिस्से की कथित अवैध बिक्री और रजिस्ट्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वक्फ संपत्ति के केयरटेकर सरवर अली रिजवी ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को औपचारिक शिकायत सौंपी है, जिसमें निष्पक्ष जांच, जमीन की पैमाइश और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
विवादित संपत्ति बेगमगंज के गाटा नंबर 152 में स्थित ‘बैरिस्टर सरदार हुसैन बिल्डिंग’ है। शिकायत के अनुसार, 14 जून 1924 का एक 99 साल का लीज समझौता 14 जून 2023 को समाप्त हो गया था। हालांकि 13 मई 2024 को उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में लीज नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन शिकायतकर्ता का दावा है कि कोई अंतिम मंजूरी आदेश मौजूद नहीं है।
संपत्ति के लेनदेन और दस्तावेजों पर सवाल
विवाद 27 मार्च 2025 को निष्पादित एक संपत्ति विलेख (प्रॉपर्टी डीड) को लेकर है, जिसमें 61.22 वर्ग मीटर (लगभग 659 वर्ग फुट) जमीन को 27,94,000 रुपये में ट्रांसफर किया गया है। दस्तावेजों में मोहम्मद हनीफ और हाफिज मोहम्मद हलीम को विक्रेता बताया गया है, जबकि आदिल अहमद खान, जावेद नसीम खान और आमिर नईम खान को खरीदार के रूप में नामित किया गया है।
शिकायतकर्ता ने इस लेनदेन के कानूनी अधिकार पर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि क्या रजिस्ट्रेशन से पहले वक्फ बोर्ड ने एनओसी (NOC) जारी की थी या अपनी मंजूरी दी थी।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
जिलाधिकारी को लिखे पत्र में रिजवी ने राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाने का अनुरोध किया है, ताकि गाटा नंबर 152 का साइट निरीक्षण और पैमाइश की जा सके। उन्होंने निम्नलिखित मांगों पर जोर दिया है:
- राजस्व रिकॉर्ड, वक्फ रिकॉर्ड, UMEED पोर्टल और रजिस्ट्रेशन मैप का क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाए।
- साइट पर कथित तौर पर किए गए तोड़फोड़ या निर्माण कार्य की जांच हो।
पुलिस अधीक्षक को दी गई एक अलग शिकायत में शिकायतकर्ता ने दस्तावेजों में छेड़छाड़, धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक गतिविधियों की जांच की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से संबंधित पक्षों से पूछताछ करने और संज्ञेय अपराध पाए जाने पर मामला दर्ज करने का आग्रह किया है। इन आरोपों पर जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया अभी लंबित है, क्योंकि दावे आधिकारिक सत्यापन के अधीन हैं।









