खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को गोंडा के बेहता और झिलही के पास एक मिठाई निर्माण इकाई पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान 85 किलोग्राम खराब चाम-चाम और 5 किलोग्राम पनीर बरामद किया गया।
ये खाद्य पदार्थ इंसानी इस्तेमाल के लिए अनुपयुक्त पाए गए, जिसके बाद बाजार में पहुँचने से रोकने के लिए विक्रेता से ही इन्हें मौके पर नष्ट करवा दिया गया। नष्ट किए गए स्टॉक में चाम-चाम की कीमत 11,900 रुपये और पनीर की कीमत 1,750 रुपये थी, जिसकी कुल कीमत 13,650 रुपये आंकी गई है।
खाद्य सुरक्षा अभियान और जांच
यह कार्रवाई असिस्टेंट कमिश्नर (फूड)-II के निर्देश पर जिले भर में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान का हिस्सा थी। छापेमारी टीम का नेतृत्व मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार ने किया, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष मल, नंदकिशोर यादव और अंकुर मिश्रा शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लैब जांच के लिए तीन सैंपल लिए, जिनमें एक चाम-चाम का, एक उसे बनाने में इस्तेमाल कच्चे माल का और एक पनीर का सैंपल शामिल है। इन सैंपलों को फूड लैब भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- विभाग ने कहा कि जनता को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
- मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।
- व्यापारियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।









