उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश साइक्लोन अर्नब के अवशेषों के कारण दिया गया है, जो अब एक गहरे दबाव (deep depression) में बदल चुका है। 28 अक्टूबर, 2026 को आंध्र प्रदेश और यनम तटों से टकराने के बाद यह अब उत्तर की ओर बढ़ रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि 31 अक्टूबर तक राज्यभर में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और गरज के साथ तूफान आ सकते हैं।
राहत और बचाव कार्यों की तैयारी
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने प्रयागराज सहित जिला प्रशासनों को निर्देश दिया है कि राहत और बचाव कार्य पूरी तरह तैयार रहें। डिजास्टर कंट्रोल रूम 24 घंटे चालू रहेंगे। अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने, पशुओं और खड़ी फसलों की सुरक्षा करने और जर्जर मकानों में रहने वालों को सुरक्षित राहत शिविरों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने जलभराव से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीमों की जरूरत पर जोर दिया है। आपातकालीन प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए कई जिलों में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
इन जिलों में दिखेगा असर
पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के 25 जिले, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश, मौसम की मार झेलेंगे।
- 29 अक्टूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी और गाजीपुर में भारी बारिश की उम्मीद है।
- 30 अक्टूबर को यह असर कुशीनगर से बहराइच तक नेपाल सीमा से लगे जिलों में रहेगा।
लोगों को तूफान के दौरान अनावश्यक बाहर न निकलने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और बिजली गिरने की रियल-टाइम चेतावनी के लिए ‘Damini App’ का उपयोग करने की सलाह दी गई है। तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि खराब मौसम से जान-माल या खेती के किसी भी नुकसान पर तुरंत राहत प्रदान की जाएगी।









