कांग्रेस नेता और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ऑब्जर्वर अमरजीत सिंह लल्ली ने बहराइच के कांग्रेस भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली एक बड़ी रैली के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को लामबंद किया।
लल्ली ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर जोर दिया। उन्होंने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की ईमानदारी को लेकर अपनी शिकायतें जाहिर कीं।
चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और विरोध प्रदर्शन की तैयारी
यह रैली ‘वोट चोरी’ और कथित निरंकुश शासन के खिलाफ INDIA गठबंधन द्वारा किए जा रहे एक व्यापक लामबंदी का हिस्सा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में पुष्टि की कि यह विरोध प्रदर्शन योजना के अनुसार होगा, जिसका उद्देश्य जनता में जागरूकता लाना है।
राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी समेत विपक्षी नेताओं ने इसमें भारी जनभागीदारी का आह्वान किया है। आयोजकों का लक्ष्य 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लंबा ने भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा इस आंदोलन का मुख्य केंद्र है।
देशभर में इस आयोजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। फतेहपुर में राजस्थान विधायक और राष्ट्रीय ऑब्जर्वर मनीष यादव ने हाल ही में रैली की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, जहां स्थानीय कार्यकर्ताओं ने करीब 500 लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का वादा किया।
इसके अलावा, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने INDIA गठबंधन के इस प्रदर्शन को अपना औपचारिक समर्थन दिया है। यह विरोध प्रदर्शन कई अभियानों के बाद हो रहा है, जिसमें 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘पीपल्स इम्पीचमेंट’ की योजना है।









