INDIA गठबंधन के नेताओं ने 29 अक्टूबर, 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बैठक की। इस बैठक का मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के आगामी ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देना था।
यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली के 10 राजাজি मार्ग पर आयोजित होगा। इसे पहले ‘मॉक पार्लियामेंट’ या ‘मॉक कोर्ट’ के रूप में प्रस्तावित किया गया था, जिसका उद्देश्य चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को उजागर करना है।
कार्यक्रम की रूपरेखा और मांगें
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैलेट पेपर आधारित चुनावों पर वापस लौटने की अपनी पुरानी मांग को दोहराया। उन्होंने तर्क दिया कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता का भरोसा बहाल करने के लिए ऐसा करना जरूरी है।
बैठक के दौरान कार्यक्रम के इंतजामों पर चर्चा हुई, जिसमें 150 से 200 विपक्षी सांसदों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगी।
- मल्लिकार्जुन खड़गे चर्चा की शुरुआत करेंगे।
- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समापन भाषण देंगे।
यह कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक चलेगा, जिसमें मल्टी-कैमरा सेटअप और बुनियादी ढांचे की व्यापक तैयारियां की गई हैं। यह पहल 1 नवंबर, 2026 को होने वाली INDIA गठबंधन की संयुक्त रैली से पहले की एक तैयारी है।
विपक्ष के कदम पर राजनीतिक प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, बीजेपी ने विपक्ष के एजेंडे का मुकाबला करने के लिए 30 अक्टूबर को ‘सिटिज़न्स फॉर डेमोक्रेसी’ के बैनर तले एक समानांतर ‘सिटिज़न्स मॉक पार्लियामेंट’ की घोषणा की है, हालांकि इसमें किसी बीजेपी सांसद या नेता के शामिल होने की उम्मीद नहीं है।
विपक्ष के इस कदम की राजनीतिक विरोधियों ने आलोचना की है। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने हाल के बैलेट आधारित MLC चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कथित ‘वोट चोरी’ पर ध्यान केंद्रित करने पर सवाल उठाए हैं।









