उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नवाबगंज पुलिस स्टेशन इलाके के बराइपुर (रामनगर) गांव में एक घर के फर्श के नीचे दबे करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई 28 अक्टूबर 2026 की शाम को DCP गैंगपार सोनम कुमार और ADCP गैंगपार पुष्कर वर्मा के नेतृत्व में एक टीम द्वारा छापेमारी के दौरान की गई।
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने एक कमरे के अंदर पांच फीट गहरा गड्ढा खोदा, जहाँ काले प्लास्टिक में लिपटे 500 रुपये के नोटों से भरे तीन ड्रम मिले। बैंक अधिकारियों और करेंसी काउंटिंग मशीनों की मदद से गिनती जारी है, लेकिन देर रात तक करीब 4 करोड़ रुपये गिने जा चुके थे।
रकम के अनुमान और जांच
कुल राशि के अनुमान अलग-अलग हैं; आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह रकम 8 से 10 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है, जबकि स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि यह 60 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। अंतिम गिनती बाकी होने के कारण इनकम टैक्स विभाग के भी जांच में शामिल होने की उम्मीद है।
यह घर राजेश यादव उर्फ बब्लू का है। इस खोज के संबंध में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया गया है कि यह मामला यादव के पारिवारिक विवाद या किसी पड़ोसी के साथ टकराव के बाद सामने आया है।
पैसे के स्रोत की पड़ताल
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि राजेश यादव और उनका भाई करीब 15 साल पहले महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे की एक फर्म में काम करते थे। वे साल 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान अपने दो साले और एक चचेरे साले के साथ गांव लौटे थे।
जांचकर्ता इस संभावना की जांच कर रहे हैं कि फंड पुणे से लाया गया था या इसका संबंध नोटबंदी के समय से है। गांव लौटने के बाद से यादव ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप ट्रक सहित कई जमीन के टुकड़े और वाहन खरीदे थे। अधिकारी अब इस पूंजी के स्रोत और नकदी को जमीन के नीचे दबाने के इरादे की जांच कर रहे हैं।









