ग्रेटर नोएडा के सेक्टर Pi-1, ऐच्छर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में लगभग 35 करोड़ रुपये की बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस घटना में ग्राहकों की Fixed Deposits (FD) को उनकी सहमति या जानकारी के बिना खत्म कर दिया गया और बचत खातों से अवैध रूप से पैसे ट्रांसफर कर लिए गए।
पीड़ितों ने इसे ‘डिजिटल डकैती’ करार दिया है। प्रभावित लोगों में संजय नाम के एक पिता शामिल हैं, जिनके खाते से 10 लाख रुपये की FD खाली कर दी गई। संजय की 10 साल की बेटी दिव्यांग है और उसे तत्काल इलाज की जरूरत है, लेकिन बचत खत्म होने के कारण बच्ची का जरूरी इलाज रुक गया है।
पीड़ितों का नुकसान और बड़े पैमाने पर घोटाले के आरोप
अन्य पीड़ितों ने भी भारी नुकसान की रिपोर्ट दी है। हनीफ खान के अनुसार उनके 39 लाख रुपये गायब हैं, जबकि स्थानीय किसान विजेंद्र सिंह ने बताया कि उनका बैलेंस 87-88 लाख रुपये से घटकर मात्र 1 लाख रुपये रह गया है।
भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने आरोप लगाया है कि इस धोखाधड़ी का कुल पैमाना 130 से 150 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है और उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। 29 अक्टूबर, 2026 तक प्रभावित ग्राहकों द्वारा 18 से 30 औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं।
बैंक की कार्रवाई और पुलिस जांच
बढ़ते संकट के बीच PNB ने ब्रांच मैनेजर समेत पांच बैंक कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और शाखा में नया स्टाफ तैनात किया है। इस मामले में Beta-2 पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने पुष्टि की है कि जांच जारी है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैंक की आंतरिक सतर्कता टीम और भ्रष्टाचार विरोधी टीम भी जांच कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह केस Economic Offences Wing (EOW) को ट्रांसफर किया जा सकता है।
- RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बैंक कर्मचारियों द्वारा किए गए कदाचार की जिम्मेदारी वित्तीय संस्थान की होती है।
- संस्थान के लिए ग्राहकों के पैसे की जल्द वापसी सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
बैंक अधिकारियों ने प्रभावित ग्राहकों को उनके पैसे वापस दिलाने का मौखिक आश्वासन दिया है, हालांकि पैसे लौटाने की कोई औपचारिक समय सीमा अभी तय नहीं की गई है।









