लखनऊ ग्रेजुएट एमएलसी सीट पर स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने वाली स्मिता मिश्रा को 300 से भी कम वोट मिले हैं। वह ज्योतिषी इंदु प्रकाश मिश्रा की पत्नी हैं।
मिश्रा ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्रों पर धांधली और अनियमितताएं हुई थीं, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई।
चुनाव परिणाम और सीटों का गणित
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर, 2026 को मतदान हुआ था, जिनमें पांच ग्रेजुएट और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। वोटों की गिनती 27 अक्टूबर, 2026 को शुरू हुई। लखनऊ ग्रेजुएट सीट पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार कांति सिंह ने जीत दर्ज की और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार अवनीश कुमार सिंह को हराया।
कुल परिणामों में BJP ने छह सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने तीन सीटें हासिल कीं। कोई भी स्वतंत्र उम्मीदवार जीतने में सफल नहीं रहा।
राजनीतिक सफर और भविष्य की योजना
स्मिता मिश्रा ने पहले कांग्रेस पार्टी जॉइन की थी, लेकिन इस चुनाव में उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर लड़ाई लड़ी। उनका दावा था कि उन्हें कांग्रेस सहित कई राजनीतिक गुटों का समर्थन प्राप्त है।
हार के बाद मिश्रा ने कहा कि उनके द्वारा दिल्ली के निर्भया केस के बाद बनाए गए संगठन नव युवक दल से आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कम से कम 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना है।
वोटर लिस्ट में विसंगतियों से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने माफी मांगी थी। मिश्रा का मानना है कि उनके द्वारा देखी गई अनियमितताओं का सीधा असर उनके चुनावी प्रदर्शन पर पड़ा है।









