गोंडा की जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन ने चक्रवात अर्नब के प्रभाव को देखते हुए जिले के निवासियों के लिए एक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। यह कदम मौसम विभाग द्वारा दी गई चेतावनी के बाद उठाया गया है। यह चक्रवात बंगाल की खाड़ी में बना है और इसका असर अब उत्तर प्रदेश के इलाकों में दिखने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर 2026 को गोंडा जिले में मौसम की स्थिति काफी खराब रह सकती है। इन दो दिनों के दौरान जिले में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की पूरी उम्मीद जताई गई है।
सावधानी और सुरक्षा के जरूरी निर्देश
जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें। उन्होंने सलाह दी है कि जो लोग पुराने, जर्जर या कच्चे मकानों में रह रहे हैं, वे समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
भारी बारिश के समय नदियों, नालों, तालाबों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। लोगों को घरों के अंदर रहने और बिजली के उपकरणों को अनप्लग रखने की सलाह दी गई है।
आपातकालीन तैयारी और किसानों के लिए सलाह
प्रशासन ने लोगों को एक इमरजेंसी किट तैयार रखने को कहा है। इस किट में निम्नलिखित जरूरी सामान होना चाहिए:
- टॉर्च और मोबाइल फोन
- पावर बैंक
- जरूरी दवाइयां
- पीने का पानी और सूखा राशन
पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। किसानों को अपनी फसलों की जल्द कटाई करने या उन्हें सूखे और सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है ताकि फसल को नुकसान न पहुंचे।
इन कामों से बचने की सख्त चेतावनी
एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लोग पेड़ों, बिजली के खंभों या होर्डिंग्स के पास खड़े न हों। बिजली गिरने के खतरे के कारण खुले खेतों में काम करने की मनाही की गई है। साथ ही, बाढ़ वाले पुलों या जल निकायों के पास न जाने की चेतावनी दी गई है।
नागरिकों को गीले हाथों से बिजली के स्विच छूने, तूफान के दौरान छतों पर जाने या अफवाहें फैलाने से बचने के लिए कहा गया है। वाहन चलाने वालों को धीमी गति से गाड़ी चलाने और हेडलाइट चालू रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासनिक अलर्ट और हेल्पलाइन नंबर
यदि कहीं पेड़ गिरते हैं या बिजली की लाइनें टूटती हैं, तो इसकी सूचना तुरंत 1070 या 112 पर कॉल करके देने को कहा गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने पुष्टि की है कि पूरा जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जनता को सक्रिय रूप से सतर्क करें। आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को तुरंत सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल जिला प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।









