भारत ने 27 अक्टूबर को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के अपने पहले मैच में बांग्लादेश को 13-0 से करारी शिकस्त दी। जालंधर में खेले गए इस निर्णायक मुकाबले के साथ मौजूदा चैंपियन भारत ने क्षेत्रीय हॉकी में अपना दबदबा बनाए रखने की दिशा में दमदार शुरुआत की है।
भारतीय टीम की ओर से मंदीप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हैट्रिक लगाई। इसके अलावा हरमनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह ने दो-दो गोल दागकर बांग्लादेश के डिफेंस पर भारी दबाव बनाया।
स्कोरबोर्ड पर अन्य गोल शिलानंद लकरा, अभिषेक, नीलाकांत शर्मा और जुगराज सिंह के नाम रहे।
जालंधर में हॉकी का उत्साह और टीम का प्रदर्शन
कई सालों बाद जालंधर में पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है, जिससे स्थानीय प्रशंसकों और अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिला है। पंजाब के समर्थकों ने राष्ट्रीय टीम के इस दबदबे को करीब से देखा, जिसने भारतीय हॉकी प्रतिभा की गहराई को प्रदर्शित किया।
कोच और विश्लेषकों ने इस एकतरफा जीत का मुख्य कारण सटीक फिनिशिंग और सेट-पीस एग्जीक्यूशन को बताया है। इस प्रदर्शन ने भारत को खिताब के लिए शुरुआती दावेदार के रूप में स्थापित कर दिया है। दूसरी ओर, बांग्लादेश की टीम भारतीय फॉरवर्ड लाइन के निरंतर दबाव को रोकने में संघर्ष करती दिखी, जो प्रतियोगिता के इस चरण में दोनों टीमों के बीच के अंतर को दर्शाता है।
अगले मैचों की तैयारी
शुरुआती जीत से टीम का मनोबल बढ़ा है, लेकिन अब टीम के सामने एक कठिन शेड्यूल है। टूर्नामेंट आगे बढ़ने के साथ यह देखना होगा कि टीम मजबूत अंतरराष्ट्रीय विरोधियों के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करती है।
आने वाले दिनों में कोचिंग स्टाफ के लिए निरंतरता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होगा। भारत अब चीन के खिलाफ अपने अगले मैच की तैयारी कर रहा है। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के अगले चरणों में इस लय को बरकरार रखना ही फाइनल तक पहुंचने का रास्ता होगा। खिलाड़ी और समर्थक अब प्रतिस्पर्धी टीमों के बीच चैंपियनशिप खिताब बचाने की चुनौती पर केंद्रित हैं।









