Jio Platforms Limited ने भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लॉन्च किया है। सार्वजनिक बोलियों के लिए खुलने के मात्र 100 मिनट के भीतर ही यह इश्यू पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस कंपनी ने 30,213 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी किए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अपनी सहायक कंपनी के भारी कर्ज को चुकाना और देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वैल्यूएशन का एक नया पैमाना तय करना है।
BSE और NSE के ट्रेडिंग डेटा से यह पुष्टि हुई है कि 21 अक्टूबर 2026 को यह इश्यू लगभग 100 मिनट में ही पूरी तरह भर गया था। बोली लगाने के पहले दिन के अंत तक, कुल सब्सक्रिप्शन ऑफर की गई राशि का 3.16 गुना तक पहुंच गया था।
निवेशकों की भारी मांग और सब्सक्रिप्शन का विवरण
निवेशकों ने 197.5 मिलियन शेयरों की पेशकश के मुकाबले लगभग 623.6 मिलियन शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। एक्सचेंज के प्रमाणित आंकड़ों के अनुसार, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर इन सार्वजनिक बोलियों की कुल कीमत करीब 69,800 करोड़ रुपये रही।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने अपने लिए आरक्षित हिस्से का 9.42 गुना सब्सक्रिप्शन लेकर गहरा भरोसा जताया। अन्य श्रेणियों में भी पहले दिन अच्छी हलचल देखी गई, जिसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का हिस्सा 1.68 गुना और RIL शेयरधारकों का हिस्सा 1.46 गुना रहा।
कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा 1.36 गुना रहा। रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स का हिस्सा बुधवार की समाप्ति तक 0.73 गुना था, हालांकि रिपोर्टों से संकेत मिला कि दूसरे दिन बोली जारी रहने के साथ यह हिस्सा भी तेजी से बढ़ा।
पूंजी का उपयोग और कंपनी की भविष्य की रणनीति
यह पूरी तरह से 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू है, जिसका अर्थ है कि इस इश्यू से जुटाया गया हर एक रुपया सीधे कंपनी के पास जाएगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड करीब 66 प्रतिशत की प्री-इश्यू होल्डिंग के साथ प्राथमिक प्रमोटर बनी रहेगी।
कंपनी ने शुद्ध आय से 27,500 करोड़ रुपये तक की राशि अपनी महत्वपूर्ण सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm Limited के बकाया कर्ज को चुकाने के लिए निर्धारित की है। बची हुई धनराशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा, जो कुल आय के 25 प्रतिशत तक सीमित है।
Jio Platforms के मैनेजिंग डायरेक्टर और Reliance Jio Infocomm के चेयरमैन आकाश अंबानी ने इस लिस्टिंग को भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक निर्णायक मोड़ बताया है। इस फंड से बैलेंस शीट मजबूत होगी और कर्ज कम होगा, जिससे 5G डेंसिफिकेशन, क्लाउड सर्विसेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्तार के लिए कैश फ्लो उपलब्ध होगा। यह रणनीति कंपनी के अगले विकास चरण के लिए वित्तीय लचीलापन प्रदान करने के व्यापक लक्ष्य को दर्शाती है।
शेयर की कीमत और अन्य महत्वपूर्ण विवरण
इस इश्यू के लिए शेयर की कीमत ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर के बीच तय की गई है। रिटेल आवेदकों को न्यूनतम 12 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा, जिसकी कीमत ऊपरी प्राइस बैंड पर ₹13,428 होगी।
कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों को 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए गए थे, जबकि इसके लिए कुल मांग 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक थी।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड और बाजार की तुलना
यह ऑफर हुंडई मोटर इंडिया आईपीओ के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ गया है, जिसने 2024 में ऑफर फॉर सेल के जरिए 27,870 करोड़ रुपये जुटाए थे। अन्य बड़े इश्यू में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (22,569 करोड़ रुपये), लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (21,000 करोड़ रुपये) और पेटीएम (18,300 करोड़ रुपये) शामिल रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले आईपीओ ज्यादातर ‘ऑफर फॉर सेल’ थे जिससे मौजूदा निवेशक बाहर निकल रहे थे, जबकि Jio Platforms का यह इश्यू पूरी तरह से नया फ्रेश इश्यू है।
- सेबी के पास रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस 14 अक्टूबर 2026 को दाखिल किया गया।
- ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस मूल रूप से 19 जून 2026 को दाखिल किया गया था।
- ग्रे मार्केट प्रीमियम के अनुसार करीब 22 प्रतिशत या ₹246 प्रति शेयर का संभावित लाभ दिख रहा है, हालांकि ये आंकड़े अनौपचारिक और अस्थिर हैं।
अंतिम बोली शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगी। निवेशक अब 26 अक्टूबर 2026 को निर्धारित अलॉटमेंट बेस का इंतजार कर रहे हैं। शेयरों में ट्रेडिंग 28 अक्टूबर 2026 को BSE और NSE पर शुरू होने की उम्मीद है। लिस्टिंग के बाद बाजार की नजर कंपनी के ARPU ट्रेंड्स और डिजिटल सेवाओं के रोडमैप पर होगी।

























