Skip to main content

Naradsamvad

ब्रेकिंग न्यूज़
[post-views]

तेलंगाना EAGLE फोर्स ने तोड़ा अंतरराज्यीय सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क, महाराष्ट्र के पोल्ट्री फार्म में मिली लैब

तेलंगाना की स्पेशल यूनिट Elite Action Group for Drug Law Enforcement (EAGLE Force) ने दो महीने की लंबी जांच के बाद एक बड़े अंतरराज्यीय सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन के जरिए अधिकारियों ने महाराष्ट्र के मारेगांव गांव में एक पोल्ट्री फार्म के अंदर चल रही मेफेड्रोन ड्रग्स की गुप्त प्रयोगशाला का पता लगाया है।

Ad image

इस पूरे मामले की शुरुआत 8 अगस्त 2026 को हुई थी। उस दिन बिबिनगर पुलिस के अधिकारियों ने कोंडामाडुगु से नागपुर की ओर जा रही एक SUV गाड़ी को रोका था। इस शुरुआती चेकिंग के दौरान पुलिस को गाड़ी से 27.2 किलोग्राम मेफेड्रोन और 56.98 किलोग्राम एसीटोन बरामद हुआ था।

इस बरामदगी के बाद पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद सात विशेष टीमों ने जांच तेज की और यह पता लगाया कि संदिग्ध लोग वेटुकुरी लैब्स (Vetukuri Labs) में मेफेड्रोन बना रहे थे।

ALSO READ  भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू, भारतीय निर्यातकों को मिलेगी जीरो ड्यूटी की सुविधा

पोल्ट्री फार्म में ड्रग्स बनाने की गुप्त यूनिट

जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी गोंदिया जिले के तिरोडा तालुका के मारेगांव पोल्ट्री फार्म में भी एक गुप्त प्रोडक्शन यूनिट चला रहे थे। EAGLE फोर्स तेलंगाना ने 19 अक्टूबर 2026 को X पर एक बयान जारी कर पुष्टि की कि इस ठिकाने की पहचान 17 अक्टूबर को की गई थी।

17 अक्टूबर को जब इस गुप्त ड्रग साइट पर छापेमारी की गई, तो वहां से उन्नत वैज्ञानिक उपकरण और कई महत्वपूर्ण रसायन बरामद हुए। इन रसायनों में प्रोपियोनिल क्लोराइड शामिल था, जिसे गुजरात से मंगवाया गया था।

सिर्फ यही नहीं, यह गैंग हैदराबाद के मौला अली स्थित SM लैब्स में अल्प्राजोलम और एफेड्रिन का निर्माण भी कर रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारेगांव के इस पोल्ट्री फार्म का इस्तेमाल साल 2024 से ड्रग्स बनाने के लिए किया जा रहा था।

ALSO READ  वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शाहजहाँपुर में नालों और सफाई व्यवस्था का किया निरीक्षण

गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामान की सूची

छापेमारी के दौरान पुलिस ने जयराज कृष्णा शेट्टी को गिरफ्तार किया, जिसकी पहचान प्रोपियोनिल क्लोराइड के सप्लायर के रूप में हुई है। इस नेटवर्क में राकेश वर्मा, जो वेटुकुरी लैब्स से जुड़ा है और प्रोडक्शन टीम के सदस्य सद्दाम हुसैन के नाम भी शामिल हैं।

असम के रहने वाले चेतन मधुकर मेश्राम को इस पूरे ऑपरेशन का मुख्य संचालक बताया गया है। जांच में यह भी पता चला कि पोल्ट्री फार्म एक किसान से किराए पर लिया गया था, जिसे वहां चल रही इन अवैध गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी।

पुलिस ने मौके से कई तरह के कच्चे माल और उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • टोलुइन (Toluene)
  • हाइड्रोक्लोरिक एसिड (Hydrochloric Acid)
  • फॉस्फोरस ऑक्सीक्लोराइड (Phosphorus Oxychloride)
  • बड़े ड्रम और वैज्ञानिक उपकरण

EAGLE फोर्स ने पुष्टि की है कि अब तक कुल 11 आरोपी हिरासत में या गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि 13 लोग अभी भी फरार हैं।

ALSO READ  अखिलेश यादव का बड़ा आरोप, यूपी की वोटर लिस्ट में 19.2 लाख फर्जी नाम जोड़ने का दावा

अंतर्राष्ट्रीय बाजार और कानूनी कार्रवाई

इस मामले की जांच का दायरा अब बढ़ गया है और महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश में छापेमारी की गई है। अधिकारियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि तैयार की गई इन ड्रग्स को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भेजने की योजना थी।

EAGLE फोर्स अब इस अवैध व्यापार से जुड़े वित्तीय नेटवर्क को नष्ट करने और संपत्तियों का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत चार्जशीट तैयार की जाएगी और NDPS एक्ट के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

अधिकारियों को उम्मीद है कि गुजरात में केमिकल सप्लाई चेन की जांच जारी रहने से कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी ने अपील की है कि ड्रग्स से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी टोल फ्री नंबर 1908 या व्हाट्सएप नंबर 8712671111 पर दें।

अन्य खबरे

गोल्ड एंड सिल्वर

Our Visitors

1646316
Total Visitors
error: Content is protected !!