उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने घोषणा की है कि राज्य सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट मिलते ही तुरंत चुनाव कराए जाएंगे।
यह बयान इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक निर्देश के बाद आया है। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी कर ली जाए।
हाई कोर्ट के आदेश में यह भी कहा गया है कि आने वाले चुनावों के लिए आरक्षण का निर्धारण पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आधार पर होगा। रिपोर्ट जमा होने के एक महीने के भीतर आरक्षण तय करना होगा।
पिछड़ा वर्ग आयोग की संरचना और समय सीमा
ओबीसी आरक्षण के मुद्दों को सुलझाने के लिए इस पांच सदस्यीय पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन मई 2026 में किया गया था। इस आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राम अवतार सिंह कर रहे हैं।
आयोग के अन्य सदस्यों में रिटायर्ड एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज बृजेश कुमार और संतोष कुमार विश्वकर्मा शामिल हैं। इसके साथ ही रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी सिंह भी इस पैनल का हिस्सा हैं।
इस आयोग के कार्यकाल के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसका कार्यकाल नवंबर 2026 के मध्य में समाप्त होना तय है।
कोर्ट के फैसले पर सरकार का रुख
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने संकेत दिया कि जब आयोग की रिपोर्ट फाइनल हो जाएगी, तब सरकार इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का इरादा नहीं रखती है।
राजभर ने जोर देकर कहा कि जैसे ही रिपोर्ट के नतीजे सामने आएंगे, चुनाव की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। रिपोर्ट मिलने के एक महीने के भीतर पूरी स्पष्टता आने की उम्मीद है।
विपक्ष के दावों और चुनाव प्रतिबद्धता पर जवाब
ओम प्रकाश राजभर ने हाल ही में चुनावी प्रक्रिया पर चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्षी नेता अखिलेश यादव द्वारा सरकार के रुख पर की गई टिप्पणियों का जवाब दिया।
उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार निर्धारित समय के अनुसार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार तय कार्यक्रम के मुताबिक ही मतदान कराने की दिशा में काम कर रही है।

























