बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 9 अक्टूबर, 2026 को पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम के 20वें महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम लखनऊ के 9 मॉल एवेन्यू स्थित बसपा के केंद्रीय कैंप कार्यालय में हुआ। मायावती ने यहां संस्थापक सदस्य को पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।
जब मायावती केंद्रीय कार्यालय में श्रद्धांजलि दे रही थीं, तब बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद दिल्ली में एक अलग स्मारक कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे।
कांशीराम की विरासत और राजनीतिक प्रभाव
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से मान्यवर कांशीराम की विरासत पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने लिखा कि कांशीराम ने करोड़ों दलितों, आदिवासियों और पिछड़े समुदायों को सशक्त बनाया।
मायावती के अनुसार, कांशीराम ने मतदान के अधिकारों के जरिए इन समुदायों को राजनीतिक सत्ता की ‘मास्टर की’ (मुख्य चाबी) प्रदान की थी।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उनके अपने चार कार्यकाल कांशीराम के विजन का ही परिणाम हैं। मायावती ने बताया कि सामाजिक परिवर्तन का उनका मिशन आज भी प्रेरणा देता रहता है।
2027 विधानसभा चुनाव और शक्ति प्रदर्शन
पार्टी इस 20वीं पुण्यतिथि को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है। इसके लिए लखनऊ में व्यापक तैयारियां की गई थीं।
लखनऊ के कांशीराम स्थल पर एक बड़ा राज्य स्तरीय कार्यक्रम तय किया गया था। इस कार्यक्रम में राज्य अध्यक्ष विश्वनाथ पाल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
शहर में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा गया, जिसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- शहर को नीले पोस्टरों से पूरी तरह सजाया गया था।
- भारी संख्या में समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता लखनऊ शहर में एकत्रित हुए।
- आयोजकों ने इस कार्यक्रम में कई लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया था।

























