सुलतानपुर की एक POCSO कोर्ट ने 17 साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ और मारपीट करने के मामले में प्रमेंद्र कुमार को दोषी पाया है। अदालत ने दोषी को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
POCSO एक्ट के विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने इस मामले की सुनवाई की। सजा के साथ-साथ कोर्ट ने दोषी प्रमेंद्र कुमार पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
केस की पूरी जानकारी और अदालती फैसला
अदालत ने प्रमेंद्र कुमार को छेड़छाड़ और मारपीट के आरोपों में दोषी माना है। हालांकि, रेप के आरोपों से उसे बरी कर दिया गया क्योंकि कोर्ट में इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं मिल सके।
यह पूरा मामला 14 मई 2017 का है। उस समय पीड़िता के पिता ने जगदीशपुर पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
घर में घुसकर किया था हमला
शिकायत के मुताबिक, जगदीशपुर इलाके के एक गांव में रहने वाली किशोरी अपने घर में अकेली थी। तभी आरोपी प्रमेंद्र कुमार घर के अंदर दाखिल हुआ और उसने लड़की के साथ छेड़छाड़ की।
जब किशोरी ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। इस शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और केस फाइल में रेप और POCSO एक्ट से जुड़ी धाराएं जोड़ीं।
सजा के बाद जेल भेजा गया दोषी
गुरुवार को अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। दोषी को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया।
अदालती आदेश के बाद प्रमेंद्र कुमार को जेल भेज दिया गया है, जहां वह अपनी सजा काटेगा।

























