भारतीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने सिंगापुर की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू कर दी है। यह दौरा 9 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और सिंगापुर के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना है। यह दौरा अगस्त 2026 में आयोजित भारत-सिंगापुर मिनिस्टरियल राउंडटेबल (ISMR) के परिणामों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
बता दें कि अगस्त में हुई उस बैठक में विदेश मंत्री S. Jaishankar और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal शामिल हुए थे।
सिंगापुर के शीर्ष नेताओं के साथ बैठकें
अपने प्रवास के दौरान वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman सिंगापुर के बड़े नेताओं के साथ उच्च स्तरीय बैठकें करेंगी। इसमें राष्ट्रपति Tharman Shanmugaratnam और प्रधानमंत्री Lawrence Wong के साथ मुलाकात शामिल है।
इसके अलावा वह उपमुख्यमंत्री Gan Kim Yong और विदेश मंत्री Dr. Vivian Balakrishnan से भी चर्चा करेंगी। इन बैठकों में सहयोग के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर बात होगी।
- व्यापार और निवेश
- डिजिटल वित्तीय कनेक्टिविटी और कैपिटल मार्केट
- टैक्सेशन और सेमीकंडक्टर्स
- एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और स्किल डेवलपमेंट
- एविएशन (विमानन) क्षेत्र
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय समुदाय और वैश्विक कंपनियों से संवाद
दौरे का एक बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय समुदाय के साथ जुड़ाव पर केंद्रित है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman हेज फंड और पोर्टफोलियो फंड मैनेजरों के साथ एक राउंडटेबल बैठक में हिस्सा लेंगी।
इसके साथ ही वह सरकार-से-व्यवसाय (G2B) की एक सीरीज के तहत कई बैठकें भी करेंगी। वह दुनिया की बड़ी कंपनियों के सीईओ के साथ आमने-सामने सत्र आयोजित करेंगी।
इन प्रमुख संस्थाओं में GIC, Temasek Holdings (P) Limited, DBS Bank Limited, Standard Chartered Bank, British International Investment (BII) और IHH Healthcare Berhad शामिल हैं।
इन चर्चाओं का मकसद भारत की आर्थिक विकास दर, निवेश के खास मौकों और बदलते वैश्विक वित्तीय परिदृश्य पर विचारों का आदान-प्रदान करना है।

























