उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में पुलिस ने दो महीने के बच्चे विक्की को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। बच्चे का अपहरण थुथीबारी थाना क्षेत्र के रामजीता गांव के राजाबारी टोला स्थित उसके घर से किया गया था।
यह घटना 3 नवंबर, 2026 की सुबह हुई थी, जब बच्चे का परिवार सो रहा था। चार दिनों तक चले बहु-राज्यीय अभियान के बाद बच्चे को दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड से सुरक्षित बरामद किया गया।
जांच और गिरफ्तारी
इस मामले में महाराजगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) शक्ति मोहन अवस्थी के नेतृत्व में व्यापक जांच की गई। पुलिस ने SOG, SWAT और सर्विलांस यूनिट सहित कई टीमें तैनात कीं। जांचकर्ताओं ने 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज जांची, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का उपयोग किया और स्थानीय खुफिया जानकारी जुटाई।
एक CCTV फुटेज में अपहरण के दिन सुबह करीब 3:57 बजे एक महिला बच्चे को राजाबारी पुल के पास ले जाती दिखी थी। पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 28 वर्षीय सावित्री, उसका दूसरा पति करण कुमार गौतम (22) और सावित्री की मां 55 वर्षीय सरस्वती शामिल हैं।
बलि देने की साजिश
पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने कबूल किया कि वे अमावस्या के दिन बच्चे की मानव बलि देने की साजिश रच रहे थे। वे नेपाल के बैरियाहवा में एक तांत्रिक के प्रभाव में थे। उनका मानना था कि इस अनुष्ठान से परिवार के लापता सदस्यों का पता चल जाएगा और परिवार में होने वाली असमय मौतों को रोका जा सकेगा।
रेस्क्यू के बाद बच्चे की मेडिकल जांच कराई गई और उसे माता-पिता को सौंप दिया गया। SP शक्ति मोहन अवस्थी ने इस सफल अंतरराज्यीय रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए जिम्मेदार पुलिस टीम के लिए 25,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है।









