7 नवंबर, 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केरल के कोच्चि में एक बड़े पैमाने पर विरोध रैली आयोजित की। इस रैली के जरिए पार्टी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
‘जंतर मंतर एट कोच्चि’ नाम की यह रैली मरीन ड्राइव से शुरू होकर राजेंद्र मैदान पर समाप्त हुई। इस प्रदर्शन में लगभग 500 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
इस आयोजन का नेतृत्व CJP संस्थापक अभिजीत डिपके, राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज और दक्षिण क्षेत्र के प्रमुख विजय मल्लांगी ने किया। इस दौरान अभिनेता और कार्यकर्ता प्रकाश राज भी मौजूद रहे, जिन्होंने पहले ही सोशल मीडिया पर युवाओं और नागरिक समाज के सदस्यों से इस मुहिम का समर्थन करने की अपील की थी। इनके अलावा डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के राज्य अध्यक्ष चिनथा जेरोम भी वहां शामिल हुए।
चुनाव प्रणाली और विवाद
कार्यक्रम के दौरान अभिजीत डिपके ने आरोप लगाया कि वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त की देखरेख में होने वाले चुनाव एक विशिष्ट राजनीतिक दल के पक्ष में हेरफेर किए जाते हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली के लिए यह अभियान जारी रहेगा।
यह विरोध प्रदर्शन CJP नेतृत्व और दिल्ली पुलिस के बीच पिछले टकरावों के बाद हुआ है, जिसके कारण पिछले महीने सौरव दास, आशुतोष रंका और अभिजीत डिपके को गिरफ्तार किया गया था।
चुनाव आयोग का पक्ष और डेटा
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) का कहना है कि सटीक मतदाता सूची बनाए रखने के लिए SIR प्रक्रिया जरूरी है। ECI के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस संशोधन प्रक्रिया में 8,57,298 नाम हटाए गए हैं, जिनमें मृत व्यक्ति, डुप्लिकेट प्रविष्टियां और जगह बदलने वाले लोग शामिल हैं। वहीं, फॉर्म 6 के जरिए नाम जोड़ने के लिए 13.5 लाख से ज्यादा आवेदन स्वीकार किए गए।
ट्रैफिक को नियंत्रित करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैली मार्ग पर पुलिस तैनात की गई थी।









