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भारतीय नौसेना का बड़ा एक्शन, सोमालिया के तट से अगवा ईरानी जहाज के 20 चालक दल को बचाया

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Naradsamvad - Narad news Agency
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भारतीय नौसेना ने उत्तर-पूर्वी सोमालिया के तट पर हथियारबंद समुद्री लुटेरों द्वारा अगवा किए गए ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज Azini से 20 चालक दल के सदस्यों को सफलतापूर्वक बचा लिया है। यह हाई-स्टेक मिशन नवंबर 2026 की शुरुआत में बिना किसी हताहत के पूरा हुआ।

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The Hindu और Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, इस ऑपरेशन में 48 घंटों की कड़ी मेहनत लगी। अंतिम सामरिक बचाव से पहले निगरानी और नॉन-काइनेटिक उपायों का इस्तेमाल किया गया। Press Information Bureau द्वारा 3 नवंबर को जारी आधिकारिक बयानों में कई रक्षा शाखाओं के बीच समन्वय की पुष्टि की गई है।

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समुद्र में सटीक सामरिक ऑपरेशन

इस ऑपरेशन में भारतीय वायु सेना के C 17 परिवहन विमान से MARCOS कमांडो की सटीक एयरड्रॉप की मदद ली गई। हवाई तरीके से उतरने के कारण सेना समुद्री चुनौतियों को पार कर जहाज पर चढ़ने में सफल रही। भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रतिक्रिया की गति बहुत महत्वपूर्ण थी।

यह जहाज अक्टूबर 2026 के अंत से समुद्री लुटेरा समूहों के कब्जे में था। समुद्री सुरक्षा विश्लेषकों ने आधुनिक काउंटर पायरेसी रणनीति में नवाचार के उदाहरण के रूप में इस संतुलित प्रतिक्रिया की सराहना की है। हिंद महासागर क्षेत्र में काम करने वाली नौसेनाओं के लिए व्यापार मार्गों की सुरक्षा करना एक प्राथमिक उद्देश्य बना हुआ है।

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समुद्री सुरक्षा पर रणनीतिक प्रभाव

जहाज को मुक्त कराने से समुद्री लुटेरे अब इसका उपयोग क्षेत्र में भविष्य के हमलों के लिए मदर शिप के रूप में नहीं कर पाएंगे। यह सफलता समुद्री सुरक्षा के लिए प्राथमिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करती है। हिंद महासागर क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने इसे अस्थिरता के खिलाफ एक निवारक के रूप में देखा है और इस विकास का स्वागत किया है।

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हालांकि, बोर्डिंग के दौरान लुटेरों को किस तरह बेअसर किया गया, इसके विशिष्ट विवरणों पर अब भी सवाल बने हुए हैं। व्यापक सुरक्षा रणनीति के हिस्से के रूप में भविष्य में भी एंटी-पायरेसी तैनाती जारी रहने की उम्मीद है। बचाए गए चालक दल के सदस्य, जो ज्यादातर ईरानी हैं, मिशन पूरा होने के बाद अब उनके स्वदेश लौटने की प्रक्रिया चल रही है। नौसेना कमान इस ऑपरेशन के अनुभवों को बेहतर बनाने के साथ-साथ संभावित खतरों के लिए समुद्र की निगरानी करना जारी रखे हुए है।

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