Force Motors साल 2027 की जनवरी से मार्च तिमाही के बीच अपने Traveller प्लेटफॉर्म के इलेक्ट्रिक वेरिएंट पेश करेगा। इस कदम के जरिए कंपनी इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में कदम रख रही है और शुरुआती मॉडलों में एक इलेक्ट्रिक एम्बुलेंस देने की योजना बना रही है।
Force Motors के मैनेजिंग डायरेक्टर Prasan Firodia ने पुष्टि की है कि इन वाहनों का डेवलपमेंट फेज अब काफी हद तक पूरा हो चुका है। कंपनी फिलहाल फाइनल टेस्टिंग कर रही है और Automotive Research Association of India (ARAI) के साथ जरूरी होमोलोगेशन प्रक्रियाओं पर काम कर रही है।
इलेक्ट्रिफिकेशन और उत्पादन क्षमता में विस्तार
यह विकास निर्माता की एक बड़ी रणनीतिक योजना का हिस्सा है। Force Motors ने अपने इलेक्ट्रिफिकेशन प्रयासों में 3,000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने का वादा किया है, जिसमें हाइब्रिड टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस में डिजिटलाइजेशन भी शामिल है।
इन नई प्रोडक्शन लाइनों को चलाने के लिए कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाकर 85,000 वाहन कर रही है। The Hindu BusinessLine, PTI, Mid Day और ET Auto की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विस्तार स्वच्छ शहरी परिवहन समाधानों की दिशा में बदलाव को समर्थन देने के लिए किया गया है। इन वाहनों में सार्वजनिक रुचि 2024 Auto Expo से शुरू हुई थी, जहां Force Motors ने पहली बार Traveller का इलेक्ट्रिक वर्जन दिखाया था।
इलेक्ट्रिक Traveller रेंज की शुरुआती लॉन्चिंग के बाद, कंपनी अपने Urbania मॉडल का इलेक्ट्रिक वर्जन पेश करने का इरादा रखती है।
संस्थागत खरीदारों को लाभ और भविष्य की चुनौतियां
पुलिस विभाग, स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे संस्थागत खरीदार, जो एम्बुलेंस पर निर्भर हैं, डीजल मॉडलों की तुलना में कम रनिंग कॉस्ट का लाभ उठा सकेंगे। यह बदलाव उच्च उत्सर्जन वाले ट्रांसपोर्ट बेड़े को बदलकर शहरी केंद्रों में हवा की गुणवत्ता सुधारने में भूमिका निभा सकता है।
हालांकि प्रोडक्ट प्लान तय हैं, लेकिन कुछ तकनीकी विवरण अभी गुप्त रखे गए हैं। Force Motors ने अभी तक नए इलेक्ट्रिक बेड़े के लिए ड्राइविंग रेंज, बैटरी स्पेसिफिकेशन या अंतिम कीमत की जानकारी नहीं दी है।
- इंडस्ट्री ऑब्जर्वर्स का मानना है कि यह लॉन्च टाइमिंग सरकार की इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को बढ़ावा देने वाली नीतियों के हिसाब से सटीक है।
- संस्थागत उपयोग के लिए विशेष चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी एक चिंता का विषय बनी हुई है।
कंपनी की इंजीनियरिंग टीमों के लिए फिलहाल ARAI होमोलोगेशन प्रक्रिया को पूरा करना प्राथमिकता है। इन नियामक बाधाओं को पार करने के बाद, पूरा ध्यान 2027 की पहली तिमाही में निर्धारित मार्केट एंट्री पर होगा।









