मेरठ के शिवलखास इलाके में स्थित सरकारी किनौनी शुगर मिल में 7 सितंबर को गैंगस्टर उदहम सिंह और उसके साथियों के अनधिकृत दौरे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक उदहम सिंह फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में सवार होकर मिल पहुंचा था।
उदहम सिंह को जुलाई 2026 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जमानत दी थी, जबकि पुलिस ने उसे आदतन अपराधी बताते हुए इसका विरोध किया था। गवाहों का दावा है कि गैंगस्टर और उसके साथियों ने जनरल मैनेजर केपी सिंह से मुलाकात के दौरान मास्क पहने थे, ताकि मिल में मोटे कॉन्ट्रैक्ट और अपने करीबियों की नौकरी की बात कर सकें।
GM पर दबाव और पुलिस जांच
यह आरोप लगाया गया है कि जनरल मैनेजर ने खरीद प्रक्रिया को लेकर स्थानीय किसानों को डराने के लिए उदहम सिंह के रसूख का इस्तेमाल किया। इन गतिविधियों की पुलिस जांच शुरू होने के बाद केपी सिंह छुट्टी की अर्जी देकर लापता हो गए हैं।
उदहम सिंह के खिलाफ सदर बाजार थाने में एक अलग आपराधिक मामला भी चल रहा है। स्थानीय बिल्डर अंकुर शर्मा ने हाल ही में गैंगस्टर पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है।
- बिल्डर का आरोप है कि 1 नवंबर को उनके ऑफिस में धमकी भरा पत्र और गोला-बारूद भेजा गया।
- उन्होंने यह भी दावा किया कि 7 सितंबर को दिल्ली गेट इलाके में उदहम सिंह की फायरिंग में उन्हें निशाना बनाया गया था।









