अमेठी के संग्रामपुर विकास खंड के अंतर्गत कटरा के भावलपुर गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन, श्रीधाम अयोध्या के आचार्य त्रिवेणी चंद्र जी महाराज ने संस्कारों, माता-पिता के सम्मान और ईश्वर में अटूट विश्वास के महत्व पर जोर दिया। इस कार्यक्रम का आयोजन अयोध्या प्रसाद सिंह और उनके बेटे मनोज कुमार सिंह ने किया था।
भक्तों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए आचार्य त्रिवेणी चंद्र जी महाराज ने कहा कि माता-पिता का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने बच्चों से अपने माता-पिता का सम्मान करने और उनके मार्गदर्शन का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिन्हें माता-पिता का आशीर्वाद प्राप्त होता है, वे जीवन में सशक्त बनते हैं।
संस्कारों और धर्म का महत्व
आचार्य जी ने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को श्रीमद् भागवत कथा और कीर्तन जैसे धार्मिक कार्यक्रमों में लाएं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से बच्चों में गुण, अनुशासन और परिवार व संस्कृति के प्रति सम्मान पैदा होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सार्थक जीवन के लिए ईश्वर में विश्वास और नेक काम जरूरी हैं।
इस अवसर पर भाजपा नेता काशी तिवारी, भाजपा नेता अमरेंद्र सिंह पिंटू, संग्रामपुर प्रधान संघ अध्यक्ष संजय सिंह मुन्ना और पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह जैसे प्रमुख लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने आचार्य से आशीर्वाद लिया और प्रवचन सुना।
इस धार्मिक आयोजन के मुख्य आयोजक कृष्णा एंटरप्राइजेज, अमेठी के प्रोप्राइटर अयोध्या प्रसाद सिंह और उनकी दिवंगत पत्नी निर्मला सिंह हैं। सह-आयोजक शिक्षिका रचना सिंह और मनोज कुमार सिंह हैं। कथा के चौथे दिन आध्यात्मिक कार्यवाही में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।









