बाराबंकी के देवा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले पीड़ गांव में दलित उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति समुदाय की सदस्य सोनापति ने राम प्रकाश यादव उर्फ मोछई यादव पर जातिगत गालियां देने, मारपीट करने और एक रिश्तेदार को हाथ से मैला साफ कराने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता के अनुसार, यह घटना 29 सितंबर को शुरू हुई जब उनके रिश्तेदार श्यामलाल के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें जातिगत गालियां दी गईं। सोनापति का दावा है कि इस हमले के बाद श्यामलाल को जबरन हाथ से मैला साफ करने और हटाने के लिए मजबूर किया गया।
जानलेवा हमले और पुलिस की लापरवाही का आरोप
सोनापति का आरोप है कि जब उन्होंने अगले दिन इस घटना का विरोध करने के लिए आरोपी का सामना किया, तो उनके साथ भी शारीरिक मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उनका गला घोंटने की कोशिश की और उनकी जान लेने का प्रयास किया।
सोनापति का दावा है कि उन्होंने घटना की रिपोर्ट करने के लिए देवा पुलिस से संपर्क किया, लेकिन अधिकारियों ने औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है।
- पीड़िता की मांग है कि SC/ST एक्ट और कानून की अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की जाए।
- उन्होंने आरोपी के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है और पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान अभी नहीं आया है।









