लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS) ने नर्सिंग ऑफिसर और हॉस्पिटल अटेंडेंट (ग्रेड-II) पदों के लिए स्टेज-2 भर्ती परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। यह फैसला कुप्रबंधन की व्यापक रिपोर्ट आने के बाद लिया गया है।
यह परीक्षा रविवार, 1 नवंबर 2026 को होनी थी, लेकिन तकनीकी गड़बड़ियों के कारण लगभग 8,500 उम्मीदवारों की परीक्षा रद्द कर दी गई। इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या की वजह से गोमती नगर स्थित सात केंद्रों में से तीन केंद्रों—SDSN डिग्री कॉलेज, SDSN पब्लिक स्कूल और ज्यूरिस कॉलेज ऑफ लॉ में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो सका। हालांकि गड़बड़ी कुछ ही केंद्रों पर थी, लेकिन एकरूपता बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने सभी केंद्रों पर परीक्षा रद्द कर दी।
प्रशासनिक नियुक्तियों पर उठे सवाल
संस्थान ने इस घटना की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को लगाया है और वादा किया है कि एक महीने के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस विफलता ने भर्ती प्रक्रियाओं की निगरानी से जुड़े आंतरिक प्रशासनिक फैसलों की ओर ध्यान खींचा है।
आंतरिक रिकॉर्ड के अनुसार, एडिशनल डायरेक्टर कृतिका शर्मा ने पहले इन कार्यों के प्रबंधन को लेकर औपचारिक चिंताएं जताई थीं। 1 सितंबर 2026 को SGPGIMS डायरेक्टर डॉ. आर.के. धीमान को लिखे एक पत्र में शर्मा ने प्रकाश सिंह को जॉइंट डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) का अतिरिक्त प्रभार देने पर आपत्ति जताई थी।
- प्रकाश सिंह वर्तमान में मटेरियल मैनेजमेंट के जॉइंट डायरेक्टर हैं।
- कृतिका शर्मा ने चेतावनी दी थी कि प्रशासन की भूमिका के लिए विशिष्ट फाइनेंस सर्विस योग्यता की आवश्यकता होती है।
- शर्मा ने सुझाव दिया था कि यह जिम्मेदारी किसी अनुभवी फैकल्टी सदस्य को दी जाए, न कि एक ही अधिकारी पर कई विभागों का बोझ डाला जाए।
संस्थान ने आधिकारिक तौर पर परीक्षा रद्द होने का कारण केवल तकनीकी और परिचालन कारक बताया है, लेकिन इस घटना ने मेडिकल संस्थान में प्रशासनिक नियुक्तियों और निर्णय लेने की प्रणाली की जांच तेज कर दी है।









