बाराबंकी में मेडिकल रीइम्बर्समेंट बिल ऑनलाइन जमा करने की अनिवार्य शर्त के खिलाफ पेंशनभोगियों ने आज लखपेड़ाबाग चौराहे से रैली निकाली। रिटायर्ड एम्प्लॉइज एंड पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में शामिल लोग शहर की मुख्य सड़कों से होते हुए गुजरे। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में पेंशनभोगियों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को नीति में बदलाव के निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सिस्टम की वजह से बुजुर्ग रिटायर्ड कर्मचारियों को इलाज के लिए बिल जमा करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्मार्टफोन और तकनीकी सहायता की कमी
रैली से पहले एक बैठक को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा ने कहा कि कई बुजुर्ग पेंशनभोगरों को एंड्रॉइड स्मार्टफोन चलाना नहीं आता। इसके अलावा वे दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, जहाँ उन्हें ऑनलाइन सिस्टम इस्तेमाल करने के लिए तकनीकी सहायता नहीं मिल पाती है।
श्री वर्मा ने सवाल उठाया कि बुजुर्ग पेंशनभोगरों को हाइब्रिड सबमिशन की सुविधा से वंचित क्यों रखा जा रहा है, जबकि सांसदों और विधायकों को बिल ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से जमा करने की अनुमति है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को पेंशनभोगरों को अपने संबंधित कार्यालयों में फिजिकल बिल जमा करने की अनुमति देनी चाहिए, जहाँ कर्मचारी उन्हें डिजिटल रूप से अपलोड कर सकें।
जिला अध्यक्ष वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इन समस्याओं का समाधान नहीं करती है, तो जिले के पेंशनभोगी प्रांतीय संगठन द्वारा घोषित किसी भी विरोध कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
- ओम प्रकाश वर्मा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष)
- अशोक सोनी (जिला सचिव)
- सुरेश चंद्र (ऑडिटर)
- मुन्नी सिंह, सर्वजीत यादव, सुरेंद्र कुमार वर्मा
- राजेश कुमार गुप्ता, राम सागर वर्मा, चंद्र शेखर वर्मा
- लालजी वर्मा, सुशीला वाजपेयी, शकुंतला मिश्रा
- रामगोपाल चौधरी, सुविद्या वत्स, पूतन सिंह (फतेहपुर संयोजक)
- विमल सिंह और मोहम्मद रजा खान
इस रैली और बैठक में वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में अन्य पेंशनभोगी भी शामिल हुए।









