राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 1 नवंबर, 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को संबोधित किया। INDIA गठबंधन द्वारा आयोजित इस रैली का मकसद चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के खिलाफ विरोध जताना था।
अपने संबोधन के दौरान तेजस्वी यादव ने महाभारत का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर वोट देने के संवैधानिक अधिकार को खत्म करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ‘शकुनि’ कहा और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को ‘ग्यानू’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त केंद्र सरकार के इशारे पर काम करने वाले एक कठपुतली की तरह हैं।
जब यादव ने भीड़ से वर्तमान राजनीतिक संदर्भ में ‘शकुनि’ और उनके ‘पासे’ की पहचान करने को कहा, तो वहां मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लिया।
मतदाता सूची में गड़बड़ी और इस्तीफे की मांग
INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि वोटर लिस्ट से व्यवस्थित तरीके से नाम हटाए जा रहे हैं, जिसमें हालिया चुनावी रोल रिविजन के दौरान उत्तर प्रदेश में 1.27 करोड़ हिंदू वोटों को हटाने का दावा शामिल है। विपक्ष ने इसे संस्थागत हेरफेर बताते हुए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है।
रामलीला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए दिल्ली पुलिस से सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक का औपचारिक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिया गया था। इस रैली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, हेमंत सोरेन और रेवंत रेड्डी जैसे वरिष्ठ विपक्षी नेता शामिल हुए। यह रैली पिछले दिन मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ प्रदर्शन के बाद राजनीतिक तनाव के बीच हुई है।









