लखनऊ के इको गार्डन में 68500 सहायक शिक्षक भर्ती विरोध प्रदर्शन में शामिल उम्मीदवारों ने भूख हड़ताल और प्रदर्शन जारी रखते हुए अनोखे तरीके से करवा चौथ मनाया। तीन दिनों से चल रहे इस विरोध प्रदर्शन के दौरान उम्मीदवारों ने रीति-रिवाजों को पूरा करने के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री Sandeep Singh की तस्वीरों और अपने आधिकारिक ज्ञापनों का उपयोग किया।
शादीशुदा महिला उम्मीदवारों ने प्रदर्शन स्थल पर रहते हुए वीडियो कॉल के जरिए अपने परिवारों के साथ इस त्योहार में हिस्सा लिया। 2018 की भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण की विसंगतियों को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन में प्रदर्शनकारियों ने इससे पहले इको गार्डन में नवरात्रि और दशहरा भी मनाया था।
स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती
29 अक्टूबर 2026 को भूख हड़ताल के कारण दो उम्मीदवारों की तबीयत खराब हो गई। चित्रकूट के Deepak Patel और बरेली के Naseem Fareedi को Lokbandhu Hospital में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है, हालांकि वे रात भर मेडिकल निगरानी में रहे।
आरक्षण और पात्रता का विवाद
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि OBC उम्मीदवारों को 27% आरक्षण और 5% की छूट का लाभ नहीं दिया गया और उनके साथ अनारक्षित श्रेणी जैसा व्यवहार किया गया। इस मामले में दो महत्वपूर्ण सिफारिशें सामने आई हैं:
- National Commission for Backward Classes और State Backward Classes Commission ने सिफारिश की है कि 150 में से 60 अंक (40%) पाने वाले OBC उम्मीदवारों को योग्य घोषित किया जाए।
- State Backward Classes Commission ने आरक्षण अधिनियमों के उल्लंघन और 5 जनवरी 2022 की सिफारिशों को न मानने पर अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है।
प्रदर्शनकारियों ने पहले Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya, कैबिनेट मंत्री Dr. Sanjay Nishad और जल शक्ति मंत्री Swatantra Dev Singh के साथ बैठकें की थीं, जिन्होंने आश्वासन दिया था। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद योग्यता मानदंडों को बदलना कानूनी रूप से संभव नहीं है। उम्मीदवार अब सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि वे दिवाली पर अपने परिवार के पास लौट सकें।









