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इटावा पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी अपराधी वीरेंद्र ढेर, साथी फरार

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Naradsamvad - Narad news Agency
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उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में मंगलवार शाम, 27 अक्टूबर 2026 को एक पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख रुपये के इनामी अपराधी वीरेंद्र की मौत हो गई। वीरेंद्र मैनपुरी जिले के हरचंदपुर का रहने वाला था।

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यह एनकाउंटर पिलुआ थाना क्षेत्र में सुनना नहर के पास हुआ। इस मुठभेड़ के दौरान सत्यपाल नाम के एक पुलिस कॉन्स्टेबल घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

लूट और आपराधिक इतिहास

वीरेंद्र 22 अक्टूबर 2026 को अलीगंज थाना क्षेत्र में ज्वेलर संजय यादव के यहाँ हुई एक सशस्त्र लूट में शामिल था। उसने अपने साथियों के साथ बंदूक की नोक पर नकद और सोने-चांदी के गहने लूटे थे।

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इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. एलमराम जी के मुताबिक, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से वीरेंद्र का पीछा कर रही थी। मंगलवार को वाहन चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

जवाबी फायरिंग में वीरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में मेडिकल कॉलेज में उसे मृत घोषित कर दिया गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।

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बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

मौके से एक अवैध पिस्टल, कारतूस और नीले रंग की बिना नंबर वाली अपाचे मोटरसाइकिल बरामद हुई है। जांच में पता चला है कि यह मोटरसाइकिल उन्नाव से चोरी की गई थी।

  • वीरेंद्र 17 अक्टूबर 2026 को जेल से रिहा हुआ था।
  • उस पर मैनपुरी, इटावा, आगरा और एटा समेत पांच जिलों में हत्या, लूट और डकैती के 53 आपराधिक मामले दर्ज थे।
  • आगरा के एडीजी ने 25 अक्टूबर 2026 को उसके ऊपर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
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राज्य के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस घटना की गहन जांच की जाएगी। इसमें घटनास्थल की अनिवार्य वीडियोग्राफी और दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा कैमरे पर पोस्टमॉर्टम शामिल है। पारदर्शिता के लिए जांच एक अलग पुलिस यूनिट या क्राइम ब्रांच को सौंपी जाएगी और मामले की देखरेख एनकाउंटर में शामिल अधिकारियों से वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। घटना की औपचारिक रिपोर्ट के लिए स्थानीय थाने में FIR दर्ज कर ली गई है।

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