शाहजहाँपुर के चौकसी इलाके के लंबे समय तक पार्षद रहे अनिल वर्मा का सोमवार को गर्रा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके सबसे बड़े बेटे अमित वर्मा ने अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी कीं।
अनिल वर्मा के निधन की खबर से उनके परिवार और करीबियों में गहरा दुख है। उनके सम्मान में जलालानगर का सराफा बाजार पूरी तरह बंद रहा, जिससे उनके प्रति लोगों के गहरे जुड़ाव का पता चलता है।
कैंसर से लंबी जंग और अंतिम समय
अनिल वर्मा अपनी हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वह पिछले काफी समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और इसका इलाज दिल्ली में चल रहा था।
दिल्ली में कई महीनों तक इलाज चलने के बाद हाल ही में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इसी वजह से परिवार उन्हें एक हफ्ते पहले घर वापस ले आया था। रविवार शाम को उन्होंने अंतिम सांस ली।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे शहर के लोग
उनके निधन की खबर मिलते ही उनके परिचितों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके भर्दवाजी स्थित निवास पर शोक व्यक्त करने और परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
गर्रा घाट पर आयोजित अंतिम संस्कार के दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनकी यादें साझा कीं। लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी मृत्यु सामाजिक और व्यावसायिक समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
अंतिम विदाई में शामिल हुए प्रमुख लोग
इस दुखद घड़ी में समाज और राजनीति से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। अंतिम विदाई में शामिल होने वालों में निम्नलिखित लोग शामिल थे:
- चंद्रशेखर खन्ना धीरू, अशोक अग्रवाल विद्या, डॉ. परविंदर सिंह, दलजीत सिंह माता और विनय अग्रवाल।
- गिरीश चोपड़ा बॉबी, विनोद अग्रवाल, मुकुंद खन्ना, अजय मीरा पांडे और हरगोविंद मोदी।
- पार्षद दिवाकर मिश्रा, राजीव सिंह, पंकज सराफ, कपिल सिंह, विनोद विज और विनोद वर्मा।
- देवेश ठाकुर, श्याम वर्मा, रामबहादुर, जय सिंह यादव और पदम हस्त दिवाकर।
- देवांग खन्ना, ओमबाबू वर्मा, अनमोल वर्मा, गिरीश चंद्र गुप्ता, विजय टंडन और सुधीर टंडन।
- अखिल मेहरोत्रा, प्रदीप मेहरोत्रा गप्पू, संजय वर्मा और पुनीत तिवारी।









