उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने दिल्ली में एक बयान जारी किया है। उन्होंने आने वाले चुनावों से पहले INDIA गठबंधन को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है।
मसूद ने कहा कि अब पूरा ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि यह गठबंधन इतना मजबूत हो कि सभी साथी मिलकर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ सकें। उन्होंने पुष्टि की कि फिलहाल इसी दिशा में कोशिशें की जा रही हैं।
बुलडोजर कार्रवाई और मुख्यमंत्री पर निशाना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रशासन पर हमला बोलते हुए इमरान मसूद ने राज्य में चल रहे ‘बुलडोजर राज’ की कड़ी आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा 1975 के दौर को लेकर दिए गए बयानों पर सवाल उठाए।
मसूद ने पूछा कि मुख्यमंत्री उन घटनाओं पर बात क्यों कर रहे हैं जिन्हें उन्होंने खुद नहीं देखा था। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मेरठ के व्यापारियों से मिलकर इन नीतियों के असर के बारे में पूछें। उन्होंने शास्त्री नगर के उन निवासियों की दुर्दशा का जिक्र किया जिनके घर गिरा दिए गए।
गठबंधन में सीटों के बंटवारे का विवाद
एक तरफ इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के प्रति अपना नरम रुख दिखाया है, लेकिन अंदरूनी तौर पर तनाव बरकरार है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे का मुद्दा अभी तक नहीं सुलझा है।
कांग्रेस के नेताओं ने लगभग 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। हालांकि, समाजवादी पार्टी ने ऐसी मांगों को चुनाव के लिहाज से उल्टा असर डालने वाला या counterproductive बताया है।
मेरठ में तोड़फोड़ और सुप्रीम कोर्ट का आदेश
मेरठ के शास्त्री नगर और सेंट्रल मार्केट में हुई विवादित तोड़फोड़ की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद हुई है। 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने 16,000 से अधिक अवैध निर्माणों को हटाने का निर्देश दिया था।
इमरान मसूद ने पहले भी यह आरोप लगाया है कि इन बुलडोजर अभियानों में अक्सर लोगों को उनकी पहचान के आधार पर निशाना बनाया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को भविष्य में इसके परिणाम भुगतने होंगे।

























