यूट्यूबर और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट Dhruv Rathee ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को लंदन के Parliament Square पर एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। यह प्रदर्शन भारत की चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए किया गया था।
प्रदर्शन दोपहर 12:00 बजे महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने आयोजित किया गया था। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की गई।
रैली के दौरान Dhruv Rathee ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर सीधा हमला बोला। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि Narendra Modi से बड़ा कोई गद्दार नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने ‘Vote Chor Gaddi Chhod’ (वोट चोर गद्दी छोड़) जैसे नारे भी लगाए।
वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग पर सवाल
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision (SIR) में हुई कथित अनियमितताएं थीं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई है।
यह आंदोलन Cockerel Janta Party (CJP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की हालिया मांगों के बाद तेज हुआ है। CJP ने चुनाव आयोग पर कदाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
लंदन में भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) के बाहर Students’ Federation of India (SFI) UK ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने SIR प्रक्रिया को तुरंत बंद करने की मांग की।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर सच लाने का दावा
Dhruv Rathee 16 अक्टूबर की रात को लंदन पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी।
उन्होंने X पर लिखा था कि अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर ‘वोट चोरों और लोकतंत्र के हत्यारे’ के बारे में सच उजागर करने का समय आ गया है।
लंदन में माहौल काफी तनावपूर्ण रहा क्योंकि वहां मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस हुई। साथ ही, प्रधानमंत्री Narendra Modi के समर्थन में वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों के समूह भी जमा हुए थे।
राठी के खिलाफ भारत में कानूनी कार्रवाई
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारत में Dhruv Rathee के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई चल रही है।
- CJP के एक प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने उनके गुरुग्राम स्थित आवास पर उन्हें अस्थायी रूप से हिरासत में लिया था।
- एक दिल्ली कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह वारंट 2018 के एक मानहानि मामले में जारी हुआ है, जो BJP IT सेल के एक सदस्य ने दर्ज कराया था।
सोशल मीडिया पर इन घटनाओं से जुड़ा हुआ #HimeshReshammiya हैशटैग भी देखा गया, हालांकि इसका चुनावी गड़बड़ियों के ठोस आरोपों से कोई संबंध नहीं है।

























