उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां के नगला श्री पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव उनके घर में मिले हैं। यह गांव रबूपुरा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
इस घटना की जानकारी शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की सुबह मिली। मृतकों की पहचान 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चों के रूप में हुई है। बच्चों में 11 साल का लड्डू, 7 साल की मिष्टी और 3 साल का सक्षम शामिल है।
शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि इन सभी की मौत शुक्रवार, 16 अक्टूबर की रात को हुई थी। शनिवार सुबह सूचना मिलने के बाद पुलिस, फॉरेंसिक यूनिट और एम्बुलेंस सेवाएं मौके पर पहुंचीं।
फूड पॉइजनिंग की संभावना खारिज
मामले की जांच कर रहे फूड सेफ्टी ऑफिसर ओ.पी. सिंह ने घटनास्थल पर मिले फूड पैकेटों की बारीकी से जांच की। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान वहां कोई भी एक्सपायर्ड सामान नहीं मिला है।
सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि मृतकों में उल्टी या दस्त जैसे कोई लक्षण नहीं दिखे। इस वजह से अधिकारियों का मानना है कि यह फूड पॉइजनिंग का मामला नहीं है। अब पुलिस और जांच टीम इस बात की आशंका जता रही है कि यह जहर देने का मामला हो सकता है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच की स्थिति
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार सिंह और एसीपी राजीव कुमार सिसोदिया ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बीजेपी विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि इस घटना के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय को सूचित कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ खाद्य विभाग के अधिकारी भी इस मामले की सक्रियता से जांच कर रहे हैं।
संपत्ति विवाद और कानूनी प्रक्रिया
इस दुखद घटना के बाद गांव में चर्चाएं तेज हैं। मृतक के परिवार के पड़ोसियों और उनकी मां ने संकेत दिए हैं कि परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी नतीजे पर जल्दबाजी में नहीं पहुंचेंगे। कानूनी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक सबूतों के वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद ही शुरू की जाएगी। फिलहाल इस मामले में कोई औपचारिक केस दर्ज नहीं किया गया है।

























