Bareilly के District Magistrate ने मतदाता जागरूकता और वोटर लिस्ट के सत्यापन अभियान की प्रगति की निगरानी के लिए Saraswati Shishu Mandir में एक औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यह पूरी प्रक्रिया प्रभावी ढंग से चल रही है या नहीं।
यह गतिविधि उत्तर प्रदेश में वोटर रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए चलाए जा रहे राज्यव्यापी प्रयासों के साथ मेल खाती है। प्रशासन इस बात पर जोर दे रहा है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे।
पूरे उत्तर प्रदेश में 17 अक्टूबर 2026 को चुनावी सूचियों के सत्यापन के लिए एक विशेष अभियान दिवस के रूप में तय किया गया है। इस दिन मतदाता सूचियों की जांच का काम बड़े स्तर पर किया जाएगा।
बीएलओ की भूमिका और फॉर्म की जानकारी
इन अभियानों के दौरान polling stations पर Booth Level Officers (BLOs) की तैनाती की जाती है। ये अधिकारी नागरिकों को वोटर लिस्ट में रजिस्ट्रेशन कराने और उसमें जरूरी बदलाव करने में मदद करते हैं।
मतदाताओं को अपनी जानकारी सुधारने या नया नाम जुड़वाने के लिए Forms 6, 7 और 8 का उपयोग करना होता है। BLOs इन फॉर्म्स को भरने और जमा करने में लोगों की पूरी सहायता करते हैं।
चुनाव आयोग का फोकस और MLC चुनाव की तैयारी
Election Commission of India के निर्देशों के अनुसार, वर्तमान प्रशासनिक ध्यान घर-घर जाकर सत्यापन करने पर है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिक, विशेष रूप से युवा और महिला मतदाता, वोटर लिस्ट में दर्ज हों।
Bareilly में वर्तमान में 2026 के Legislative Council (MLC) चुनावों के लिए चुनावी सूचियों का पुनरीक्षण भी किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में विशेष रूप से शिक्षकों के निर्वाचन क्षेत्रों को टारगेट किया जा रहा है।
राजनीतिक दलों और एजेंटों से सहयोग की अपील
जिला अधिकारियों ने स्थानीय राजनीतिक दलों और Booth Level Agents (BLAs) से इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासन के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया है।
प्रशासन का मानना है कि राजनीतिक दलों और एजेंटों के सहयोग से वोटर लिस्ट की सटीकता और समावेशिता को बेहतर बनाया जा सकता है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।

























