17 अक्टूबर 2026 को लंदन में दो अलग-अलग तरह के प्रदर्शन हुए। ये दोनों प्रदर्शन भारत को लेकर चल रहे मौजूदा राजनीतिक तनाव को दर्शाते हैं।
लंदन के इंडिया हाउस में भारतीय समुदाय के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय एकता का प्रदर्शन किया और भारत के तिरंगे को लहराया।
इस समूह ने राष्ट्रीय गान गाया और उन अंतरराष्ट्रीय कोशिशों का विरोध किया, जिन्हें वे भारत को बदनाम करने की कोशिश बता रहे हैं।
दिल्ली में तिरंगा रैली और हिरासत
लंदन के इस आयोजन के समय दिल्ली में भी राजनीतिक हलचल देखी गई। वहां एक अलग तिरंगा रैली निकाली गई थी, जिसमें करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
इन हिरासत में लिए गए लोगों में Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijit Deepke और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष Neha Bora भी शामिल थे।
Dhruv Rathee का चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन
इसी समय यूट्यूबर Dhruv Rathee भी लंदन पहुंचे हैं। वे भारत की चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं।
Rathee ने लोगों से सार्वजनिक अपील की है कि वे रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को इकट्ठा हों। यह प्रदर्शन पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने होगा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सच्चाई बताने का दावा
Dhruv Rathee ने इस आयोजन के उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया है। उनका कहना है कि इस कार्यक्रम के जरिए वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने कुछ असलियत उजागर करना चाहते हैं।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह इवेंट ‘वोट चोर और लोकतंत्र के हत्यारे’ की असलियत को दुनिया के सामने लाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

























