भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह ने 17 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के गोंडा में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब, जिसे इतिहास में नायकों और गुरुओं की धरती के रूप में जाना जाता था, अब नशे की भूमि में बदल चुका है।
सिंह ने सीधा आरोप लगाया कि AAP सरकार नशे के एक बड़े व्यापार को सरकारी संरक्षण दे रही है। उनके मुताबिक, पंजाब में नशे का यह कारोबार आधिकारिक सरपरस्ती में फल-फूल रहा है।
विरोध प्रदर्शन और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
क्षेत्र में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए पूर्व सांसद ने इन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की एक सोची-समझी कोशिश बताया। उन्होंने दावा किया कि इन आंदोलनों के पीछे विदेशी ताकतें काम कर रही हैं।
बृज भूषण शरण सिंह ने तर्क दिया कि प्रदर्शनकारियों का असली मकसद जनता की समस्याओं को सुलझाना नहीं, बल्कि देश को कमजोर करना है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने के लिए निकाले गए हालिया विरोध मार्चों को राज्य के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया।
कांग्रेस का राजनीतिक पतन और नशे के खिलाफ मुहिम
राजनीतिक चर्चा के दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी की गिरती स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने भविष्यवाणी की कि कांग्रेस का पतन अब करीब है और इसी कारण अलग-अलग राजनीतिक तत्व उसकी ओर खिंचे चले आ रहे हैं।
सिंह ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर भरोसा जताया। उन्होंने 17 सितंबर 2026 को भाजपा द्वारा पठानकोट से शुरू की गई नशा मुक्त पंजाब यात्रा के लक्ष्यों का समर्थन किया।
पंजाब में नशे की स्थिति और सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के छह जिलों को नशे के मामले में अत्यधिक संवेदनशील माना गया है। इन जिलों में अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिलका और लुधियाना शामिल हैं।
नशे के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- 2019 से जुलाई 2026 के बीच अधिकारियों ने 9.33 मिलियन किलोग्राम से अधिक अवैध नशीले पदार्थ जब्त किए।
- जब्त किए गए इन पदार्थों की अनुमानित कीमत लगभग 1.53 लाख करोड़ रुपये है।
- राज्य सरकार ने 150 करोड़ रुपये के सामाजिक-आर्थिक ड्रग सर्वे के लिए 28,000 कर्मचारियों को तैनात किया है।
प्रवर्तन प्रयासों की बात करें तो 1 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2026 के बीच कुल 16,788 निरीक्षण किए गए। इस दौरान 22 केमिस्ट लाइसेंस रद्द किए गए और 520 अन्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
वर्तमान में ड्रोन के जरिए सीमा पार से होने वाली तस्करी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस समस्या से निपटने के लिए मार्च 2027 तक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उन्नत निगरानी और एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की योजना है।

























