राजस्थान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर एक विवादित बयान के कारण गंभीर राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। यह मामला 15 अक्टूबर 2026 को जयपुर में बीजेपी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। यह कार्यक्रम पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था।
मदन राठौर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें वे यह सुझाव देते दिख रहे हैं कि यदि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच युद्ध होता है, तो भारत पाकिस्तान के साथ खड़ा होगा। इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने उनकी कड़ी निंदा की है।
इस विवाद के बाद 17 अक्टूबर 2026 को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अजमेर के भुनाबाय स्थित बीजेपी के मंडल कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
अजमेर में प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने मदन राठौर के खिलाफ “मदन राठौर गद्दार”, “मदन राठौर मुर्दाबाद” और “मदन राठौर पाकिस्तान जाओ” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय की दीवारों पर मदन राठौर विरोधी पोस्टर चिपका दिए।
गुस्साए कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यालय के साइनबोर्ड पर काली स्याही मलने की कोशिश की और प्रदेश अध्यक्ष के पोस्टरों को आग के हवाले कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कार्यालय परिसर के भीतर यूथ कांग्रेस के झंडे भी लगाए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने यूथ कांग्रेस के समन्वयक मोहित मल्होत्रा समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया है। अजमेर शहर के संवेदनशील चौराहों और राजनीतिक कार्यालयों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
कांग्रेस और आप की तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर पूरे राजस्थान में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। 17 अक्टूबर को सभी जिलों में प्रदर्शन के आह्वान के बाद जयपुर सहित कई शहरों में नारेबाजी की गई।
नेशनल कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने इन टिप्पणियों को “देशद्रोह” करार दिया है। उन्होंने बीजेपी नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की और सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी इन विचारों से सहमत हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस बयान की निंदा की है। पार्टी ने मदन राठौर के इस बयान को राष्ट्रविरोधी बताया है।
मदन राठौर की सफाई और स्पष्टीकरण
विवाद बढ़ने पर मदन राठौर ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने दावा किया कि उनके भाषण के केवल 20 सेकंड के हिस्से को काटकर संदर्भ से अलग तरीके से पेश किया गया है।
उन्होंने कहा कि उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया है। राठौर के मुताबिक, वे युद्ध के बारे में नहीं बल्कि क्रिकेट मैच से जुड़ी एक काल्पनिक स्थिति के बारे में बात कर रहे थे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह यह बताना चाह रहे थे कि पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाना देशभक्ति नहीं है। उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों पर आरोप लगाया कि वे एक झूठा नैरेटिव बनाने के लिए उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।

























