उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की पुलिस ने 34 वर्षीय बर्तन विक्रेता उमाशंकर कौशल की हत्या के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों में मृतक की पत्नी भी शामिल है। उमाशंकर कौशल को लोग गुड्डू के नाम से भी जानते थे।
मृतक उमाशंकर लालगंज बाजार का निवासी था। वह 14 अक्टूबर की शाम को अचानक लापता हो गया था। अगले दिन 15 अक्टूबर 2026 की सुबह शीतलमऊ नहर के किनारे काली माता मंदिर के पास उसका शव बरामद हुआ था।
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्व) आलोक कुमार ने बताया कि इस मामले की जांच लालगंज पुलिस और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) द्वारा की गई। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि इस पूरी हत्या की साजिश मृतक की पत्नी सुमन देवी ने रची थी।
प्रेम संबंध के चलते रची गई हत्या की साजिश
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, सुमन देवी का अपने प्रेमी शहंशाह के साथ अवैध संबंध था। सुमन देवी ने शहंशाह और उसके दो साथियों, विशाल शुक्ला और अविनाश तिवारी के साथ मिलकर अपने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
आरोपियों का मानना था कि उमाशंकर उनके इस अवैध रिश्ते के बीच में एक बाधा बन रहा था। इसी वजह से उन्होंने मिलकर उमाशंकर की हत्या करने का फैसला किया ताकि वे साथ रह सकें।
नशे की हालत में पत्थरों से पीटकर ली जान
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले उमाशंकर को शराब पीने के लिए फुसलाया। जब वह नशे की हालत में था, तब आरोपियों ने ईंटों और पत्थरों से उसे पीट-पीटकर मार डाला।
हत्या करने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए उमाशंकर के शव को नहर के पास एक गड्ढे में फेंक दिया था। इसके बाद पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस ने सुमन देवी को कालाकंकर रोड पर राजेंद्र नगर चौराहे के पास से गिरफ्तार किया। वहीं, उसके तीन पुरुष साथियों को जगन्नाथपुर नहर के पुलिया के पास से पकड़ा गया।
पुलिस ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- खून से सने हुए कपड़े
- मृतक का मोबाइल फोन
- मृतक का आधार कार्ड
- अविनाश तिवारी द्वारा अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल
पुलिस ने इन सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

























