कोलकाता की एक लॉटरी वितरण फर्म Tiger Associates ने 2025-2026 वित्तीय वर्ष के दौरान DMK और AIADMK राजनीतिक दलों को कुल 260 करोड़ रुपये का दान दिया है। यह भारी रकम राज्य विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इन पार्टियों को मिली है।
भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के दस्तावेजों के अनुसार, इन दोनों प्रतिद्वंदी पार्टियों द्वारा रिपोर्ट किए गए कुल 352.55 करोड़ रुपये के योगदान में से लगभग 74 प्रतिशत हिस्सा इसी एक फर्म का है।
The New Indian Express, ABP Live और India Today जैसे समाचार माध्यमों ने 16 और 17 अक्टूबर 2026 को इन आंकड़ों की पुष्टि की है। यह पूरा फंड तब आया जब राज्य में चुनाव होने वाले थे, जिसमें सत्ताधारी DMK को अभिनेता और राजनेता Vijay के नेतृत्व वाली Tamilaga Vettri Kazhagam पार्टी से हार का सामना करना पड़ा।
दान की राशि और वितरण का तरीका
आधिकारिक योगदान रिपोर्टों के अनुसार, Tiger Associates ने AIADMK को कुल 135 करोड़ रुपये दिए। यह राशि छह अलग-अलग ट्रांसफर के जरिए भेजी गई थी।
वहीं दूसरी ओर, इसी फर्म ने DMK को 125 करोड़ रुपये का दान दिया। यह पैसा 14 अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर किया गया था।
अगर प्रतिशत की बात करें, तो AIADMK को मिले कुल 161.36 करोड़ रुपये में से 84 प्रतिशत हिस्सा इसी फर्म का था। इसी तरह, DMK द्वारा रिपोर्ट किए गए 191.19 करोड़ रुपये में से 65 प्रतिशत से अधिक हिस्सा Tiger Associates ने दिया था।
वित्तीय प्रभाव और पिछले साल का रिकॉर्ड
इस फर्म ने पिछले साल की तुलना में अपने राजनीतिक खर्चों में भारी बढ़ोतरी की है। वित्तीय वर्ष 2024-2025 में इस कंपनी ने कुल 110 करोड़ रुपये का योगदान दिया था।
पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक, AIADMK को 60 करोड़ रुपये और DMK को 50 करोड़ रुपये मिले थे। इस तरह दो साल की अवधि में इस फर्म ने इन दो संगठनों में कुल 370 करोड़ रुपये डाले हैं।
इन पैसों के अलावा Triumph, Jaybharath और Prudent नाम के तीन चुनावी ट्रस्टों से भी फंड आया था। इन सभी स्रोतों को मिलाकर पार्टियों के कुल रिपोर्ट किए गए योगदान का लगभग 88.5 प्रतिशत हिस्सा बनता है।
सबसे ज्यादा बड़े ट्रांसफर फरवरी और मार्च 2026 में दर्ज किए गए, जो मतदान की तारीखों से ठीक पहले हुए थे। दिलचस्प बात यह है कि DMK का कुल रिपोर्ट किया गया योगदान 2024-2025 के 365.82 करोड़ रुपये से गिरकर अब 191.19 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि Tiger Associates की हिस्सेदारी बढ़ गई है।
कंपनी का मालिकाना हक और कानूनी संबंध
Tiger Associates कोलकाता में पंजीकृत एक पार्टनरशिप फर्म है। यह फर्म पश्चिम बंगाल में पंजाब, सिक्किम और नागालैंड की लॉटरी वितरित करती है।
इस फर्म के नामित पार्टनर Subbayan Nagarajan हैं। वह लॉटरी कारोबारी Santiago Martin के लंबे समय के बिजनेस पार्टनर हैं, जिन्हें अक्सर ‘लॉटरी किंग’ कहा जाता है। कॉर्पोरेट रिकॉर्ड बताते हैं कि Nagarajan और Martin कम से कम एक और बिजनेस एंटिटी में साझा मालिकाना हक रखते हैं।
Santiago Martin की कंपनी Future Gaming and Hotel Services ने फरवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा योजना को अवैध घोषित करने से पहले DMK के लिए 509 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे थे।
हालांकि, चुनाव आयोग के खुलासे में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि 2025-2026 में Tiger Associates द्वारा दिए गए दान के लिए Martin ने व्यक्तिगत रूप से पैसा लगाया था। ये दोनों संस्थाएं कानूनी रूप से अलग हैं और इस फर्म का तमिलनाडु के भीतर कोई बिजनेस ऑपरेशन नहीं है।
पारदर्शिता और जांच की मांग
राज्य के बाहर की एक अकेली लॉटरी फर्म से इतने बड़े पैमाने पर फंडिंग मिलने के कारण पारदर्शिता समर्थकों ने इसे कड़ी जांच के घेरे में लिया है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे नेटवर्क पर निर्भरता प्रभाव डालने वाले सवालों को जन्म देती है।
यह विवाद इसलिए भी बढ़ा क्योंकि Martin से जुड़ी संस्थाओं की पहले भी जांच हो चुकी है। इसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप और प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) द्वारा की गई जांच शामिल हैं।
हालांकि, अब तक के इन सभी आरोपों में शामिल किसी भी पार्टी को अदालत में अंतिम सजा नहीं मिली है।
- चुनाव आयोग सार्वजनिक समीक्षा के लिए नियमित योगदान रिपोर्ट जारी करना जारी रखेगा।
- Association for Democratic Reforms जैसे नागरिक समाज संगठन इन वित्तीय प्रवाहों का और विश्लेषण कर सकते हैं।
- नई विधानसभा सत्र या मीडिया आउटलेट्स में राजनीतिक दलों से इन दानों पर सवाल पूछे जा सकते हैं।
- नियामक निकाय लॉटरी वितरण नेटवर्क और संबंधित वित्तीय लेनदेन की अपनी चल रही जांच जारी रखेंगे।

























