मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव Sanjay Prasad 16 अक्टूबर, 2026 को Integrated Grievance Redressal System (IGRS) की एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक दोपहर 12:00 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए सभी Police Commissioners, District Magistrates, Senior Superintendents of Police और Superintendents of Police को निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही Chief Development Officers और Municipal Commissioners को भी समय पर उपस्थित रहने को कहा गया है।
सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस सत्र में पूरी और संबंधित जानकारी के साथ समय पर पहुंचें। यह पूरी प्रक्रिया जनता की शिकायतों के निवारण के प्रति राज्य सरकार की संस्थागत जवाबदेही और फोकस को दर्शाती है।
शिकायतों के निपटारे पर प्रशासन की सख्ती
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक स्तर पर IGRS की निगरानी काफी तेज कर दी गई है। हाल के दिनों में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
14 अक्टूबर, 2026 को Banda District Magistrate Amit Aseri ने शिकायतों के निपटारे की खराब रैंकिंग की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने 36 अधिकारियों को दो दिन का अल्टीमेटम जारी किया, ताकि शिकायतों का पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
इसी तरह, 14 अक्टूबर, 2026 को Mathura-Vrindavan Municipal Commissioner ने भी कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने शिकायतों के समय पर और गुणवत्तापूर्ण निपटारे को लेकर अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है।
परफॉरमेंस रैंकिंग और निगरानी का पैमाना
इस पूरी प्रणाली में प्रदर्शन के मानकों यानी परफॉरमेंस मैट्रिक्स को बहुत महत्व दिया जाता है। इसमें मुख्य रूप से समाधान की गुणवत्ता, समय सीमा और शिकायतकर्ता की संतुष्टि को देखा जाता है।
राज्य में उच्च स्तरीय निगरानी के परिणाम भी सामने आए हैं, जिनमें कुछ जिलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है:
- Amethi Police ने अक्टूबर 2025 की IGRS मासिक समीक्षा में गुणवत्ता और समयबद्धता के आधार पर राज्य में शीर्ष रैंकिंग हासिल की थी।
- Sultanpur Police ने मार्च 2026 की IGRS सूची में लगातार पांचवीं बार पहला स्थान प्राप्त किया है।
ये उपलब्धियां राज्य भर में वर्तमान में लागू उच्च स्तरीय निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करती हैं।









