उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के बाद भी लड़की अब तक लापता है और उसकी तलाश जारी है।
यह पूरा मामला 28 जुलाई 2026 को दर्ज कराया गया था। आरोप है कि नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाया गया था और बताया गया है कि उसे शादी के लिए ले जाया गया है।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा है जिनकी पहचान छोटू, लालू उर्फ रंजीत और दीपक के रूप में हुई है। भिंगा कोतवाली पुलिस स्टेशन इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है।
गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
पुलिस ने 4 अक्टूबर 2026 को इन तीनों आरोपियों को पकड़ा। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल चार मोबाइल फोन और 450 रुपये नकद बरामद किए हैं।
बरामद किए गए सामानों में नाबालिग लड़की का एक मोबाइल फोन भी शामिल है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि लड़की के ठिकाने का पता लगाया जा सके।
परिवार के आरोप और मानसिक तनाव
लड़की के पिता मनसाराम भिंगा कोतवाली पुलिस स्टेशन में वॉचमैन के तौर पर काम करते हैं। उन्होंने और उनकी पत्नी श्रीमती चंपा देवी ने अपनी बेटी की गुमशुदगी पर गहरा दुख जताया है।
लड़की की मां के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को छोटू ने नाबालिग को फोन किया था। इसके बाद उसी रात 9 बजे से 10 बजे के बीच लड़की का अपहरण कर लिया गया।
परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है कि पुलिस ने पहले भी इन आरोपियों को हिरासत में लिया था, लेकिन एक दिन बाद उन्हें छोड़ दिया गया। परिवार का मानना है कि इस वजह से मामले में देरी हुई है।
न्यायिक कार्रवाई और परिवार की चेतावनी
परिजान अपनी बेटी को खोजने के लिए जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ अधिकारियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
परिवार ने पुलिस की धीमी कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस हफ्ते के भीतर लड़की नहीं मिली, तो वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
- धारा 140(1)
- धारा 238









