बाराबंकी जिले के सिद्धौर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले नसीरपुर गांव के सरायमंडु hamlet के निवासी मंगल सिंह और उनकी पत्नी माधुरी इस समय बहुत ज्यादा गरीबी में जीवन बिता रहे हैं। यह दंपत्ति अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है।
दंपत्ति ने बताया कि उनके पास रहने के लिए कोई पक्का घर नहीं है। इसके अलावा उन्हें पीने के साफ पानी और पर्याप्त भोजन जैसी जरूरी चीजों की भी भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
इन दोनों की बदहाली तब चर्चा में आई जब सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो में वे अपनी आर्थिक तंगी को आंसू बहाते हुए बयां कर रहे थे और मदद की गुहार लगा रहे थे।
सोशल मीडिया पर मदद की अपील और सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कई सामाजिक कार्यकर्ता इस परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। इन कार्यकर्ताओं ने परिवार की स्थिति देखी और उन्हें तुरंत कुछ आर्थिक सहायता प्रदान की।
हालांकि, परिवार का कहना है कि इस छोटी मदद से उनकी बुनियादी समस्याएं हल नहीं हुई हैं। उनके अनुसार, उनकी मुख्य समस्याएं अब भी वैसी ही बनी हुई हैं और उनका समाधान नहीं निकला है।
जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और सरकारी योजनाओं की उम्मीद
मंगल सिंह और माधुरी ने यह बात कही है कि उनकी सार्वजनिक अपील के बावजूद अब तक कोई भी स्थानीय जनप्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया है। वे इस बात से निराश हैं कि उनके क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने उनकी सुध नहीं ली।
दंपत्ति ने अब यह उम्मीद जताई है कि जिम्मेदार अधिकारी उनके रहने की स्थिति का आकलन करेंगे। वे चाहते हैं कि उन्हें उन सरकारी योजनाओं में शामिल किया जाए, जिनके लिए वे पात्र हैं।
सम्मानजनक जीवन के लिए सरकारी हस्तक्षेप का इंतजार
मंगल सिंह और माधुरी अब औपचारिक रूप से सरकारी हस्तक्षेप का इंतजार कर रहे हैं। उनकी मांगें निम्नलिखित हैं:
- रहने के लिए एक स्थायी मकान।
- पीने के साफ पानी की व्यवस्था।
- अन्य आवश्यक सेवाएं।
उनका मानना है कि इन सुविधाओं के मिलने के बाद ही वे एक सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। वे अब प्रशासन से इन बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।









