Jio Platforms Limited ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पूरा कर लिया है। यह भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बनकर उभरा है। एक्सचेंज फाइलिंग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस ऑफरिंग को रिकॉर्ड 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला और इसमें 1 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए हैं।
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली Reliance Industries Limited ने इस पूरे ट्रांजेक्शन को 100 प्रतिशत फ्रेश इश्यू के तौर पर तैयार किया था। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर इस ऑफरिंग से कुल 30,213 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। यह पूरी राशि मौजूदा शेयरधारकों के बजाय सीधे कंपनी के पास जाएगी।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य टेलीकॉम कर्ज को कम करना है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपनी सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm Limited के बकाया कर्ज को चुकाने या पहले भुगतान करने के लिए करेगी।
इश्यू का आकार और निवेशकों की भारी मांग
Jio के इस इश्यू ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इससे पहले 2024 में Hyundai Motor India का ऑफरिंग लगभग 27,870 करोड़ रुपये का था, जिसे अब Jio ने पीछे छोड़ दिया है। अपर बैंड पर Jio ऑफरिंग के लिए पब्लिक बिड्स 4.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गईं।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर एंकर बुक को भी इसमें जोड़ लिया जाए, तो कुल मांग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। एक्सचेंज द्वारा जारी अंतिम सब्सक्रिप्शन मल्टीपल्स से पता चलता है कि इस गतिविधि में संस्थागत निवेशकों की सबसे बड़ी भूमिका रही।
विभिन्न श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन का विवरण
विभिन्न निवेशक श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन की स्थिति इस प्रकार रही:
- Qualified Institutional Buyers (QIB) वाले हिस्से को 70.55 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
- Non-Institutional Investors (NII) के लिए यह दर 14.00 गुना रही।
- रिटेल कैटेगरी में 2.72 गुना सब्सक्रिप्शन देखा गया।
- कंपनी के कर्मचारियों ने अपने कोटे का 2.93 गुना सब्सक्रिप्शन लिया।
- Reliance Industries Limited के शेयरधारकों ने अपने कोटे के लिए 7.60 गुना बिड लगाई।
निवेशकों ने 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर अपनी भागीदारी दर्ज की। 12 शेयरों के लॉट साइज के साथ, अपर बैंड पर एक आवेदन के लिए न्यूनतम निवेश 13,428 रुपये था।
एक्सचेंज के डेटा के अनुसार कुल आवेदन 1 करोड़ से अधिक थे। कुछ अनुमानों के मुताबिक यह संख्या 1.35 करोड़ से 1.39 करोड़ के बीच हो सकती है। कंपनी की बाजार में मजबूत पकड़ है और 30 जून 2026 तक Reliance Jio Infocomm Limited के पास लगभग 533 मिलियन ग्राहक थे। Google और Meta जैसे बड़े वैश्विक शेयरधारक अभी भी निवेशित हैं, हालांकि उन्होंने इस पब्लिक इश्यू के दौरान अपने शेयर नहीं बेचे। CNBC TV18 और BusinessToday द्वारा उद्धृत विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत संस्थागत रुचि कंपनी के लॉन्ग टर्म कैश फ्लो की क्षमता में भरोसे को दर्शाती है।
लिस्टिंग की उम्मीदें और अलॉटमेंट की प्रक्रिया
ग्रे मार्केट के प्रतिभागियों ने 24 अक्टूबर 2026 तक 240 से 250 रुपये के प्रीमियम का अनुमान लगाया है। यह इश्यू प्राइस से लगभग 22 प्रतिशत अधिक है, जिससे शेयर की लिस्टिंग 1,360 से 1,370 रुपये प्रति शेयर के आसपास होने का संकेत मिलता है।
शेयरों के अलॉटमेंट की आधिकारिक स्थिति की प्रोसेसिंग रजिस्ट्रार KFin Technologies द्वारा की जाएगी। इसकी जानकारी 26 अक्टूबर 2026 के बाद एक्सचेंज की वेबसाइटों पर साझा की जाएगी। रिफंड और डीमैट खातों में शेयरों का क्रेडिट 27 अक्टूबर 2026 तक होने की उम्मीद है।
इन शेयरों की ट्रेडिंग 28 अक्टूबर 2026 को BSE और NSE पर शुरू होने वाली है। कंपनी की योजना कर्ज भुगतान के लिए 27,500 करोड़ रुपये तक आवंटित करने की है। बाकी बची राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
संभावित निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे अनौपचारिक मार्केट प्रीमियम के बजाय फाइनल अलॉटमेंट आंकड़ों के लिए आधिकारिक एक्सचेंज अपडेट्स पर नजर रखें। Reliance Industries Limited इस पूरी पहल के प्राथमिक प्रमोटर के रूप में डिजिटल सेवाओं के विस्तार का नेतृत्व करना जारी रखे हुए है।









