उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भाजपा सांसद Jagdambika Pal ने विपक्षी नेता Rahul Gandhi की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने Rahul Gandhi द्वारा सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए विरोध मार्च पर कड़ा ऐतराज जताया है।
Jagdambika Pal ने आरोप लगाया कि विपक्ष की इन हरकतों की वजह से दिल्ली की सड़कों पर अराजकता और हिंसा फैली है। उन्होंने इस पूरे प्रदर्शन को लोकतंत्र का अपमान करार दिया है।
सांसद ने यह भी कहा कि Rahul Gandhi को संविधान की बुनियादी समझ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी न्यायपालिका को राजनीतिक चर्चाओं में घसीट रहे हैं।
CJI के फैसले और कानूनी प्रक्रिया का हवाला
Jagdambika Pal ने भारत के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant के बयानों का जिक्र किया। जस्टिस Surya Kant ने हाल ही में electoral roll से जुड़े मुद्दों पर Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge समेत विपक्षी नेताओं से मिलने से मना कर दिया था।
CJI ने स्पष्ट किया था कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी नागरिकों के लिए न्याय पाने के लिए खुले हैं। लेकिन न्याय पाने के लिए तय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा, न कि सड़कों पर प्रदर्शन करना होगा।
12 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
यह पूरा विवाद 12 अक्टूबर 2026 की घटनाओं के बाद शुरू हुआ है। उस दिन India Alliance के नेताओं ने Rahul Gandhi के नेतृत्व में electoral roll revision प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की तरफ मार्च किया था।
इस मार्च को रोकने के लिए Delhi Police ने भारी सुरक्षा बल तैनात किया था। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका था।
न्यायिक नैतिकता और औपचारिक याचिकाओं की मांग
CJI ने यह साफ किया था कि विपक्ष ने जिन मुद्दों को उठाया है, वे sub-judice यानी विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर प्रशासनिक चर्चा करना न्यायिक नैतिकता का उल्लंघन होगा।
Jagdambika Pal ने जोर देकर कहा कि विपक्ष को सड़कों पर मार्च करने के बजाय अपनी शिकायतों के लिए औपचारिक कानूनी याचिकाओं का रास्ता अपनाना चाहिए।









